गाजियाबाद। नंदग्राम थाने के सिहानी गांव के साेनू कुमार को टेलीग्राम पर टास्क पूरा करके कमाई का लालच देकर साइबर ठगों ने 8.16 लाख की चपत लगा दी। आरोपियों ने शुरुआत में कथित होटल का रिव्यू करने पर 120 रुपये दिए। फिर दो हजार निवेश कराकर 2800 भेजे। इसके बाद आरोपियों ने विश्वास जीतकर रकम ट्रांसफर कराई। मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सोनू कुमार ने बताया कि 12 दिसंबर को व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया था। उसमें रिव्यू करके कमाई होने की बात लिखी थी। उन्होंने लिंक खोला तो उसमें कथित होटल का रिव्यू कराया गया। इसके बदले उनको 120 रुपये मिले। फिर आरोपियों ने प्रस्ताव दिया कि टेलीग्राम पर टास्क पूरा करके और कमाई होगी। लेकिन इसमें उनको कुछ धनराशि निवेश करनी पड़ेगी। पहली बार में उनसे दो हजार रुपये ट्रांसफर कराए। इसके बदले उनको 2800 रुपये मिले। इसके बाद उनका विश्वास बढ़ गया। आरोपियों ने अपने अलग-अलग खातों में 8.16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। आरोपी उनसे और पैसे की मांग कर रहे थे लेकिन और पैसे का इंतजाम उनके पास नहीं था। चाहते हुए भी वह अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे थे। जबकि, जो एप उनको डाउनलोड कराया गया था, उसमें बढ़ी हुई रकम दिख रही थी। जब ठगों को लगा कि और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उसको फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चकमा देकर भट्ठा स्वामी को लगाई 5.50 लाख की चपत
गाजियाबाद। लकड़ी का बुरादा और लेबर भिजवाने के नाम पर भट्ठा स्वामी से 5.50 लाख रुपये की ठगी की घटना सामने आई है। मामले में गोविंदपुरम निवासी धनवीर सिंह ने कविनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
धनवीर सिंह ने बताया कि उनका भिक्कनपुर में ईट भट्ठा है। इसलिए उनको लेबर और ईंट पकाई के लिए लकड़ी के बुरादे की जरूरत पड़ती थी। उनकी मुलाकात एक परिचित के माध्यम से मुजफ्फरनगर के भौरा कलां सिसौली निवासी कामिल ठेकेदार से हुई थी। उसने बुरादा और लेबर सप्लाई के नाम पर उनसे 5.50 लाख रुपये ले लिए। पैसा लेने के बाद भी आरोपी ने न बुरादा भेजा और न ही लेबर भेजी। अब आरोपी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इस बारे में एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि जांच कराई जा रही है। शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए हैं।