एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी निरीक्षक रघुराज सिंह व स्वाट टीम प्रभारी पटनीश कुमार की टीम ने गुलफाम निवासी गांव बहलीमपुरा जिला बुलंदशहर व बिजेंद्र उर्फ डॉक्टर निवासी गांव उटरावली जिला बुलंदशहर को धौलाना रोड रजवाहा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी बिजेंद्र ने लूट की घटना से कई दिन पहले गैस एजेंसी की रेकी की थी। इसके बाद अपने साथी गुलफाम, इकराम निवासी गांव सैमली जिला बुलंदशहर व नावेद निवासी काला आम चौराहा के पास जिला बुलंदशहर के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था।
आरोपी इकराम व नावेद अभी फरार हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी बिजेंद्र ने वर्ष 2014 में गुजरात के अहमदाबाद के थाना सैटेलाइट क्षेत्र में एक करोड़ साढ़े नौ लाख रुपये व वर्ष 2001 में जिला बिजनौर के थाना नहटौर क्षेत्र में 3.50 लाख रुपये की लूट की घटनाएं की थीं। आरोपी लगभग छह वर्ष जेल में रहने के बाद वर्ष 2024 में जमानत पर बाहर आया था। आरोपियों ने 13 फरवरी को गाजियाबाद के थाना सिहानी गेट क्षेत्र में 10.70 लाख व स्कूटी व 27 मई 2024 को थाना कविनगर क्षेत्र में एचपीसीएल पेट्रोल पंप के मैनेजर से 9.50 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था।
सभी आरोपी शातिर लुटेरे
एसपी ने बताया कि सभी आरोपी शातिर किस्म के लुटेरे हैं। आरोपियों पर जिला हापुड़, गाजियाबाद व गुजरात में हत्या, लूट, डकैती आदि के नौ मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की बात कही।
लूट के बाद छिजारसी टोल पर बाइक खड़ी कर बस में सवार होकर फरार हो गए थे
आरोपियों के शातिरपन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिलखुवा में लूट में शामिल चारों आरोपी बाइक से छिजारसी टोल पर पहुंचे और यहां बाइक खड़ी कर बस में सवार होकर पहले गाजियाबाद के लालकुआं और फिर वहां से बुलंदशहर फरार हो गए। पुलिस के इस खुलासे में समय तो लगा लेकिन पुलिस सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से लुटेरों तक पहुंच गई।