फॉगिंग अभियान में नगर निगम की ओर से तो खानापूर्ति हो ही रही है, अब पार्षदों ने कालोनियों पर लगे गेट को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। पार्षदों का कहना है कि कई कालोनियों के गेट दिन में बंद रहते हैं, जिस कारण फॉगिंग वाहन अंदर नहीं जा पाता। जबकि आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि अपनी नाकामी छुपाने के लिए ऐसी बातें कही जा रही हैं।
यह समस्या निगम पार्षदों ने उठाई है। निगम कर्मचारियों ने पार्षदों से शिकायत की है कि आरडीसी जैसे कामर्शियल क्षेत्र में कई ऐसी सड़कें हैं जिन पर अवैध पार्किंग की वजह से गाड़ियों को निकलने का रास्ता भी नहीं मिलता। कविनगर, शास्त्रीनगर, राजनगर समेत कई कालोनियों में गेट दिन में भी बंद रहते हैं। ऐसे में फॉगिंग करने वाले वाहन कालोनियों में नहीं पहुंच पाते हैं।
राजनगर के पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि आरडीसी क्षेत्र में कालोनियों के गेट और अवैध पार्किंग की वजह से लगा जाम फॉगिंग में सबसे बड़े बाधक बन रहे हैं। उधर, आरडब्ल्यूए फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल टीपी त्यागी का कहना है कि नगर निगम समय रहते कोई काम नहीं करता।
फॉगिंग सही तरीके से नहीं करा पा रहा और अब कालोनी के गेट पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि कोई भी कालोनी ऐसी नहीं है जिसमें सभी गेट बंद रहते हों, एक या दो गेट खुले रहते हैं। उनसे फॉगिंग की मशीनें कालोनी में पहुंच सकती हैं।
वहीं, राजनगर एक्सटेंशन स्थित ओरा कमेरा सोसायटी के रेजिडेंट अरुण कुमार का कहना है कि उनकी कालोनी में एक बार भी फॉगिंग नहीं हुई है। सोसायटी में लोग मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बीमार हैं। उन्होंने इसकी शिकायत नगर निगम और डीएम से की है।
सुबह की फॉगिंग का शेड्यूल तैयार किया
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सुबह की फॉगिंग का शेड्यूल भी तैयार कर लिया है। सभी जोन के सेनेट्री इंस्पेक्टरों ने शेड्यूल तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया है। अब इस शेड्यूल को कंपाइल कर अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेड्यूल के मुताबिक शुक्रवार की सुबह सिटी जोन की कालोनियों में फॉगिंग की गई है। 18 सितंबर को वसुंधरा जोन में फॉगिंग की जाएगी।