लोनी विधायक ने लिखा, सांसद भारतीय परधिान के पहनावों के साथ सभ्य एवं शालीनता के साथ सार्वजनिक जीवन व्यतीत करती हैं। इस टिप्पणी के बाद भी कुछ मौलानाओं ने समर्थन व बचाव भी किया। इसके बावजूद अखिलेश यादव के द्वारा मौलाना के विरुद्ध प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कराई गई। वह लखनऊ में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जहां उपस्थित महिलाओं, छात्रों और बुद्विजीवीओं के बीच इस विषय पर चर्चा हो रही थी। उनका कहना था कि पति का धर्म पत्नी के सम्मान की रक्षा करना है। जब अखिलेश यादव ने विवाह के समय अग्निदेव को साक्षी मानते हुए जो सात फेरे लेकर पत्नी की रक्षा का संकल्प लिया था। उन्हें अपनी धर्मपत्नी के सम्मान के लिए मुकदमा दर्ज कराना चाहिए था।
नंदकिशोर गुर्जर ने पत्र में लिखा, लोगों का यह भी कहना था कि यदि वे अपनी पत्नी के मान-सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, तो प्रदेश की महिलाओं के सम्मान की रक्षा की उम्मीद उनसे कैसे अपेक्षित की जा सकती है। अगर समाजवादी पार्टी की सरकार आती है, और वह मुख्यमंत्री बन जाते है तो जेहादी हिंदू महिलाओं के घर तक में घुस जाएंगे। उन्हें अपमानित करेंगे, लूट करेंगे और बलात्कार तक की घटनाओं पर अखिलेश यादव चुप रहेंगे। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विरोध से ऊपर उठकर सांसद के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।