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UP: लाडली इशारों में कह देती थी बात, उसके सपने अधूरे नहीं थे...' सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के पिता का छलका दर्द

Fri, 22 Aug 2025 04:12 PM IST
आकाश दुबे रिची कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, लोनी

सार

पति ने बताया कि बेटी इशारों में बात करती थी और वह सब समझ जाते थे। बचपन से ही वह अलग थी, मगर उसमें जीने की ललक थी। पढ़ नहीं पाई पर जिंदगी को समझती थी।
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सामूहिक दुष्कर्म।  - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद के लोनी की एक मासूम, जिसे ठीक से बोलना नहीं आता था। वह कभी अपने सपनों को शब्द नहीं दे पाई और अब वह इस दुनिया में नहीं रही। वह मानसिक रूप से कमजोर जरूर थी लेकिन जीवन के हर पल को जीना चाहती थी। एक दर्दनाक हादसे का शिकार होकर हमसे हमेशा के लिए दूर चली गई।

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यह पीड़ा है उस पिता की है जिसने अपनी लाडली को खो दिया। वह बताते हैं कि बेटी इशारों में बात करती थी और वह सब समझ जाते थे। बचपन से ही वह अलग थी, मगर उसमें जीने की ललक थी। पढ़ नहीं पाई पर जिंदगी को समझती थी। उन्होंने उसे बाइक चलाना सिखाया, दुकान पर साथ ले जाते थे। वह खाना पहुंचाती और मदद करती थी।

वह खुद का नाम लिखना सीख गई थी। यहां तक कि इंस्टाग्राम चलाती थी, जिम भी गई थी। उसके सपने अधूरे नहीं थे, बस उन्हें कहने के लिए उसके पास शब्द नहींथे। कुछ दरिंदों ने उसकी मजबूरी को कमजोरी समझा। उसे जंगल ले जाकर दरिंदगी की। वह घर तो लौटी पर पहले जैसी नहीं रही। चुपचाप रहने लगी। सदमे से उबर नहीं सकी। परिवार ने हर मुमकिन कोशिश की लेकिन उसकी आंखों में वही डर, वही दर्द बस गया था।

बृहस्पतिवार को उसने अपनी निशब्द चीखों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। शव घर पहुंचा तो मां-बाप बिलख उठे। मां की चीखें दिल चीर देने वाली थीं। पिता बेसुध हो गए। हर आंख नम थी। उसका घर घटना स्थल से साढ़े तीन किलोमीटर दूर था। पैदल वहां पहुंची या ले जाया गया सवाल अभी बाकी है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गांव वालों ने आरोपियों को युवती को ले जाते देखा था।

छावनी में तब्दील हुई कॉलोनी घटना के बाद आसपास के लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। हंगामे की आशंका के चलते कॉलोनी में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। 

लोनी समेत अन्य थानों की पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस की टीम लगातार परिजनों को समझा रही थी। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजनों ने शांतिपूर्वक युवती का अंतिम संस्कार किया। 

कब क्या हुआ-
सोमवार शाम करीब 5 बजे युवती घर से निकली
सोमवार शाम करीब 5:30 बजे-परिजनों ने तलाश शुरू की
सोमवार रात करीब 8 बजे पिता के पास फोन आया
सोमवार रात करीब 8:15 बजे पिता बेटी से मिले
सोमवार रात करीब 9 बजे पुलिस को सूचना दी गई
मंगलवार रात करीब 9 बजे लोनी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ
बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:30 बजे-युवती का शव फंदे से लटका मिला
बृहस्पतिवार शाम करीब 8:15 बजे-शव का अंतिम संस्कार किया गया
 
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यह है मामला
लोनी कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का शव बृहस्पतिवार की सुबह कमरे में फंदे से लटका मिला। बेटी की मौत से आहत परिजनों के साथ लोगों ने कस्बा पुलिस चौकी का घेराव किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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