नए आईटी नियमों के उल्लंघन पर घिरे ट्विटर की मनमानी जारी है। बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के मामले में केस दर्ज होने के बावजूद साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में ट्विटर ने एक बार फिर अपनी मंशा जाहिर की है। पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में ट्विटर ने दो टूक कहा है कि हर जानकारी दी जाएगी, लेकिन पुलिस अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पेश आए। ट्विटर का यह जवाब मिलने के बाद आला अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
नए आईटी नियमों को न मानने पर भारत सरकार ने ट्विटर को सख्त हिदायत दी थी कि उसे भारत में यहीं के कानून को मानना पड़ेगा। साथ ही ट्विटर को मिला कानूनी संरक्षण भी खत्म कर दिया गया था। इसके बाद किसी भी यूजर के गैर कानूनी और भड़काऊ पोस्ट के लिए ट्विटर पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया था।
इसी दौरान गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर में बुजुर्ग की दाढ़ी काटने का मामला सामने आया। घटना की वीडियो वायरल होने के बाद भड़काऊ ट्वीट ट्रेंड हुए। पुलिस द्वारा खंडन करने के बावजूद ट्विटर ने भड़काऊ ट्वीट नहीं हटाए, जिसके चलते बीते 15 जून को ट्विटर के खिलाफ लोनी बॉर्डर पुलिस ने धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया था।
पुलिस ने इस संबंध में ट्विटर को नोटिस भेजकर 12 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। यह मामला अभी चल ही रहा था कि हाल ही में साइबर अपराध का मामला गाजियाबाद पुलिस के पास आया। न्यूज एजेंसी और वीडियो से जुड़ा यह मामला ट्विटर से जुड़ा था। जिसके चलते पुलिस ने ट्विटर को नोटिस भेजकर कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
पुलिस से कहा - यूएस या आयरलैंड कोर्ट के मुताबिक अपनाएं प्रक्रिया
साइबर अपराध से जुड़े इस मामले में ट्विटर ने पुलिस को रिप्लाई किया है। इसमें कहा है कि हर जानकारी व मदद मुहैया कराई जाएगी, लेकिन पुलिस यूएस और आयरलैंड के कानून के प्रक्रिया अपनाए। ट्विटर को नोटिस भेजने के बाद पुलिस के पास यह जवाब ट्विटर सपोर्ट की तरफ से आया है। दो दिन पहले आए इस जवाब से पुलिस एक बार फिर पशोपेश में है।
जवाब मिलना शुरू मगर हठधर्मिता बरकरार
ट्विटर से जुड़े साइबर अपराध के मामले में पुलिस को निराशा हाथ लगती थी। क्योंकि, ट्विटर की तरफ से पुलिस को कोई जवाब या जानकारी नहीं मिलती थी। 15 जून 2020 से 15 जून 2021 तक पुलिस ने ट्विटर को 26 मामलों में नोटिस भेजकर जानकारी मांगी, लेकिन एक भी नोटिस का जवाब नहीं मिला। गाजियाबाद पुलिस द्वारा केस दर्ज करने के बाद ट्विटर की प्रतिक्रिया आनी तो शुरू हो गई, लेकिन उसमें भी हठधर्मिता बरकरार है।
ट्विटर पहले से ही हर मेल में यही जवाब देता आया है। यह ट्विटर का स्टैंडर्ड रिप्लाई है। इससे जाहिर है कि अभी ट्विटर को ऊपर से कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। कुछ दिनों तक ट्विटर के जवाब देखे जाएंगे। रिप्लाई में परिवर्तन न होने पर आगे की रणनीति बनाएंगे।
- अमित पाठक, एसएसपी