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Ghaziabad News: टूट रहे 25 रिश्तों को जोड़ गई लोक अदालत

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गाजियाबाद। अदालतों की चौखट पर अक्सर रिश्तों की थकान, आरोपों की तल्खी और टूटते भरोसे की आवाज सुनाई देती है, लेकिन शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का माहौल कुछ अलग था। यहां कानून की धाराओं से ज्यादा संवाद की गर्माहट दिखी। बरसों से मन में जमा शिकायतें जब आमने-सामने बैठकर सुनी गईं तो कई रिश्तों की गांठें खुल गईं। परिणाम स्वरूप 25 दंपती अपने गिले-शिकवे भुलाकर फिर साथ रहने को तैयार हो गए। परिवार न्यायालय में कुल 139 मामलों का निस्तारण हुआ। हालांकि 17 केसों में साथ रहने की सहमति नहीं बन पाई।
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लोक अदालत में पहुंचे दंपतियों के चेहरों पर कहीं नाराजगी थी तो कहीं उम्मीद। न्यायिक अधिकारियों और काउंसलरों की मौजूदगी में जब बातचीत शुरू हुई तो कई रिश्तों में जमी बर्फ पिघलती नजर आई। अदालत परिसर में ऐसे कई दृश्य दिखे, जहां लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी समझौते के बाद एक साथ लौटे।

बेटी को देख पिता हुआ भावुक, पत्नी ने भी मानी गलती
कविनगर क्षेत्र का एक मामला पूरे दिन चर्चा में रहा। राजनगर निवासी युवती की शादी वर्ष 2018 में मेरठ निवासी युवक से हुई थी। दोनों निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वर्ष 2020 में बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गए और मामला तलाक तक पहुंच गया। शनिवार को दोनों अपनी बेटी के साथ लोक अदालत पहुंचे। बातचीत के दौरान बेटी को देखकर दोनों भावुक हो गए और तलाक का फैसला वापस लेने का निर्णय लिया। दंपती ने अदालत में साथ रहने का प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद उन्हें एक साथ विदा किया गया।
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नंदग्राम थाना क्षेत्र निवासी युवक की शादी 11 जुलाई 2024 को हापुड़ निवासी युवती से हुई थी। युवती एयर होस्टेस है। पति-पत्नी के बीच स्वतंत्रता और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर अक्सर विवाद होता था। इसी के चलते युवती ने पति के खिलाफ उत्पीड़न का मामला दायर कर दिया था। लोक अदालत में बातचीत के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। समझौते का आवेदन देकर मुकदमा समाप्त किया दोनों साथ-साथ घर लौट गए।



पति-पत्नी साथ रहने को हुए तैयार भूत और प्रेतात्मा ने छोड़ा घर
शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र निवासी युवती की शादी 17 फरवरी 2024 को साहिबाबाद निवासी युवक से हुई थी। पत्नी घर में भूत और प्रेत आत्मा होने की बात कहकर अलग रहने का दबाव बनाती थी। बाद में पति बीमार पड़ा तो पत्नी मायके चली गई, भरण-पोषण का मुकदमा दायर कर दिया। शनिवार को लोक अदालत में दोनों आमने-सामने हुए। बातचीत के दौरान पति के आग्रह पर पत्नी फिर साथ रहने को तैयार हो गई। पति ने कहा घर में रहोगी तो भूत-प्रेत आत्मा घर छोड़ देंगे।
हालांकि सभी मामलों का अंत खुशियों के साथ नहीं हुआ। एक हाईप्रोफाइल कारोबारी परिवार से जुड़े मामले में पति-पत्नी के बीच कई घंटे चली बातचीत के बावजूद समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर अड़े रहे। इसके बाद मामला नियमित सुनवाई के लिए परिवार न्यायालय में भेज दिया गया। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार पति-पत्नी का वार्षिक पैकेज 14 और 16 लाख रुपये है।
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