गुम हुई बच्ची लिफ्ट में फंसी, 40 मिनट बाद निकाला
साहिबाबाद। इंदिरापुरम के शक्तिखंड तीन में शनिवार सुबह करीब 10 बजे सामान खरीदने गई एक बच्ची लिफ्ट में फंस गई। काफी देर तक जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश शुरू की। लिफ्ट बंद होने पर शक हुआ तो परिजनों ने आवाज दी। इस पर बच्ची ने लिफ्ट में होने की बात कही। आननफानन में बिल्डर और मेंटेनेंस डिपार्टमेंट की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को करीब 40 मिनट बाद बाहर निकाला जा सका। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंचीं, लेकिन परिजनों ने लिखित में शिकायत नहीं दी है।
मूलरूप से गुजरात के सूरत निवासी असीम गुप्ता कतर में नौकरी करते हैं। वह एनआरआई हैं। वह छुट्टियों में पत्नी और दो बच्चों के साथ दिल्ली आए हुए हैं। उन्होंने शक्ति खंड-3 में चार मंजिला बिल्डर भवन में एक सप्ताह पहले ही फ्लैट खरीदा है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे उनकी बेटी आशी गुप्ता (12) सामान खरीदने के लिए गई थी। काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई तो परिजनों ने तलाश शुरू की। इस दौरान उन्होंने लिफ्ट बंद देखी। आननफानन में लिफ्ट में आवाज लगाकर ढूंढना शुरू किया। फर्स्ट फ्लोर पर आशी ने अंदर से आवाज दी तो उन्हें पता चला की आशी लिफ्ट में है। उन्होंने बिल्डर और मेंटेनेंस टीम को कॉल की। बिल्डर और लिफ्ट इंजीनियर पहुंचे। इस दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही लिफ्ट खोलकर बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। पीड़ित ने पुलिस से लिखित शिकायत नहीं की है।
देर शाम तक नहीं सही हो सकी लिफ्ट
पीड़ित ने बताया कि सूचना पाकर बिल्डर मौके पर पहुंच गया। साथ ही लिफ्ट का इंजीनियर भी आ गया। उन्होंने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 40 मिनट तक बच्ची फंसी रही थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब सात बजे तक लिफ्ट सही नहीं हो सकी थी। इंजीनियर लिफ्ट ठीक करने में लगे हुए थे।
पहले भी खराब हुई लिफ्ट
पीड़ित ने बताया कि वह एनआरआई हैं। उन्होंने काफी महंगा फ्लैट खरीदा है। वह एक माह तक यहां पर रहेंगे। इसके बाद वह कतर लौट जाएंगे। बीच-बीच में छुट्टियों में वह यहां पर आते रहेंगे। उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों से बातचीत में पता चला कि लिफ्ट पहले खराब तो होती रही है। लेकिन उसमें कोई फंसा नहीं था। बच्ची फंसने के बाद से थोड़ा डरी हुई है।