गाजियाबाद के लोनी में हत्या के एक मामले में चश्मदीद आसिफ की हत्या करने पर जिला जज जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने मुस्तकीम उर्फ टिल्लू, अफाक, साजिद उर्फ डोगरा, वारिशा, वाहबू उर्फ बाबूद्दीन को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांचों पर 30-30 हजार रुपये (कुल 1.50 लाख रुपये) जुर्माना भी लगाया। इसमें से 50 प्रतिशत धनराशि मृतक की बहन को देने के आदेश दिए हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि लोनी निवासी आसिफ घर बनवाने के लिए बहन शीरी मलिक के साथ 10 सितंबर 2020 को ठेकेदार से बातचीत करने के लिए प्रेम नगर कॉलोनी में गया था। इसी दौरान वारिशा, उसके पति बाबुद्दीन, बेटे साजिद व अफाक और मुस्तकीम वहां आए और आसिफ पर गोलियां चलानी शुरू कर दी।
गंभीर रूप से घायल आसिफ को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसे स्वामी दयानंद अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में आसिफ की बहन शीरी ने वारिशा, उसके पति बाबुद्दीन, बेटे साजिद, अफाक और मुस्तकीम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। मामले में राशिद को साजिश रचने का आरोपी बनाया गया। मुकदमे की पैरवी न करने के लिए दोषियों ने आसिफ की बहन और चश्मदीद गवाह को भी जान से मारने की धमकी दी थी।