गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र में बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट तृतीय तेंद्रपाल सिंह की अदालत ने बुधवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने दोषी पिता पर 56 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिसमें से 50 प्रतिशत रकम पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि मोदीनगर क्षेत्र निवासी किशोरी ने तीन जनवरी 2020 को अपनी मां को बताया कि उनके घर के बाहर जाने पर पिता उसके साथ दुष्कर्म करते हैं। 15 दिन से वह जान से मारने की धमकी देकर ऐसा कर रहे थे। किशोरी की मां ने तीन जनवरी को ही मोदीनगर थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेज दिया। सुनवाई के दौरान मामले में कुल सात लोगों की गवाही हुई। बचाव पक्ष ने बचाव के लिए दलील दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पिता को नायक के रूप में देखती है बेटी
सजा पर सुनवाई के दौरान दी गई दलील में विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि, घटना बेहद गंभीर प्रवृत्ति की है। बेटी पिता को नायक के रूप में देखती है। बेटियां पिता के लिए समाज से लड़ जाती हैं। बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को कड़ी सजा दी जाए। अगर दोषी पिता को कम सजा मिलती है या छोड़ दिया जाता है तो यह समाज के लिए घातक होगा और गलत संदेश जाएगा।