गाजियाबाद। हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के आलमनगर में 17 साल पहले क्रिकेट खेलने के विवाद में युवक की हत्या करने के सात दोषियों धनपत सिंह, शेर, संतोष, हर प्यारी, कालू, सतीश व सुंदर को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार तिवारी ने पांच दोषियों पर 15-15 हजार व दो पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। हमले में शामिल एक आरोपी गंगाशरण का आरोप पत्र बाद में दाखिल होने पर उसके मुकदमे की फाइल अलग कर दी गई है। उसका विचारण अदालत में चल रहा है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने बताया 28 दिसंबर 2007 को थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के आलमनगर निवासी हरिगोपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 27 दिसंबर 2007 की शाम 6:30 बजे किशनपाल अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान उसकी धनपत व उसके कुछ दोस्तों के साथ झगड़ा हो गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग का मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया था।
इसके बाद गांव में ही रहने वाले गंगाशरण, शेर, धनपत सिंह, सुंदर, सतीश, संतोष, हरप्यारी व कालू बदला लेने के लिए 28 दिसंबर को शाम करीब 6 बजे किशनपाल के घर जाकर गाली -गलौज करने के साथ ही पिटाई शुरू कर दी। इसी दौरान छुरे से हमला कर किशनपाल की हत्या कर दी। बीच बचाव करने आए हरिगोपाल, हरिश्चंद्र, चरणदास व महेंद्र पर भी छुरे से हमला कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर हत्या व हत्या के प्रयास की धाराओं में गणपत, शेरा, धनपत सिंह, सुंदर, सतीश, संतोष, हरप्यारी व कालू को नामजद कर गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। मामले के अंतिम सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। मामले में 14 गवाह पेश किए गए थे।
आरोप पत्र 22 फरवरी 2008 को पेश किया गया था। दोषियों को सजा दिलाने में हमले में घायल हरि गोपाल, बेटू, हरिश्चंद्र, महेंद्र व चरणदास की गवाही अहम रही।
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