गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की बालमुकुंद सोसायटी में पूर्व एओए अध्यक्ष शबनम खान की ओर से महिला-बुजुर्गों और एओए सदस्यों सहित कुल 13 लोगों पर केस कराने के विरोध में रविवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। निवासियों का कहना है कि न्याय नहीं मिलने तक धरना जारी रहेगा। उधर पूर्व एओए अध्यक्ष ने मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए थाने में सुनवाई न होने पर अदालत से एफआईआर के आदेश कराए। इसके बाद लोगों में गुस्सा है।
एओए अध्यक्ष विकास शर्मा का कहना है कि पूर्व अध्यक्ष एवं पेशे से अधिवक्ता शबनम खान अपने कार्यकाल के दौरान की गई वित्तीय अनियमितताओं की जवाबदेही से बचने के लिए बार-बार निवासियों को लीगल नोटिस भेज कर अनावश्यक दबाव बना रही हैं। 12 महीने का कार्यकाल उन्होंने 20 महीने में पूरा किया। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश पर चुनाव हुए और उसके बाद अभी तक हैंडओवर नहीं दिया। 35 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिल रहा है, वह भी नहीं दे रही हैं। पूछने पर बार-बार लीगल नोटिस भेजकर लोगों को परेशान कर रही हैं।
13 लोग जिसमें तीन महिलाएं, 4 बुजुर्ग के अलावा 6 एओए सदस्यों व निवासियों पर परेशान करने को एफआईआर करा रही हैं। उनके सारे आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। न्याय न मिलने तक धरना जारी रहेगा। महिला की अनर्गल बातें सुनकर भी प्रशासन चुप है, यहां के लोगों को बेवजह फंसाया जा रहा है। पूर्व अध्यक्ष शबनम खान का कहना है कि मेरे घर मेड को आने से रोका जा रहा है, बिजली काटी जा रही है। घर के बार कूड़ा डाला जा रहा है। मेरी 26 साल की बेटी पर तंज कसे जा रहे हैं। मैंने अपने कार्यकाल में भी ऑडिट कराया है, अनियमितता के आरोप झूठे हैं। थाने में सुनवाई नहीं होने पर मैंने अदालत में सुबूत पेश कर एफआईआर के आदेश कराए हैं। उसके बावजूद रविवार को दिनभर थाने में घूमने के बाद एफआईआर नहीं की गई। धरना शोभित मित्तल, अशोक चौधरी, शरद गर्ग के निर्देशन में चल रहा है। इसमें बुजुर्ग भी काफी संख्या में भाग ले रहे हैं। सोसायटी में 240 फ्लैट हैं, जिसमें करीब एक हजार लोग रहते हैं।