छह दिन पहले पटाखा फोड़ने को लेकर दो समुदाय में हुए पथराव और मारपीट के बाद मछरी गांव में धारा 144 लगा दी गई है। बाहरी लोगों और नेताओं के गांव में आने पर प्रतिबंध लगा गया है।
इसके बावजूद शनिवार को रालोद विधायक सुदेश शर्मा गांव पहुंचे तो एसओ भोजपुर ने उन्हें गांव से बाहर जाने को कहा। इस पर विधायक दोनों पक्षों से भाईचारा का आह्वान कर गांव से बाहर आ गए।
31 अक्तूबर को भोजपुर ब्लाक के मछरी गांव में पटाखा फोड़ने को लेकर दो समुदायों के बीच मारपीट और पथराव हुआ था। पुलिस दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज की थी। गांव में तनावपूर्ण शांति का माहौल है।
इसके चलते शनिवार सुबह प्रशासन ने धारा 144 लागू करते हुए गांव में नेताओं और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। दोपहर करीब दो बजे विधायक सुदेश शर्मा, रालोद जिला अध्यक्ष अजय पाल प्रमुख, सतेंद्र तोमर, रामदास शर्मा के साथ गांव में पहुंचे और दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की।
विधायक के गांव में पहुंचने की सूचना पर एसओ भोजपुर शिव प्रकाश सिंह मय पुलिस बल गांव में पहुंचे और विधायक को धारा 144 लागू होने की जानकारी दी। एसओ ने विधायक से गांव से बाहर जाने को कहा। इस पर विधायक दो पक्षों से शांति व्यवस्था बनाए रखने का आह्वान कर लौट आए। वे करीब 40 मिनट गांव में रहे। गांव में पुलिस बल तैनात थे।
बगल से निकल गई कार, देखते रहे पुलिस कर्मी
प्रशासन के धारा 144 लागू लगाने के बाद बाहरी लोगों और नेताओं को रोकने के लिए हापुड़ रोड मछरी तिराहे पर भोजपुर पुलिस तैनात की गई थी। लेकिन जिप्सी में मौजूद पुलिस कर्मी आपस में बातचीत करने में इतने व्यस्त थे कि उन्हें विधायक और रालोद जिला अध्यक्ष की स्कार्पियो, इनोवा निकलने की भनक तक नहीं लग सकी। पुलिस कर्मी सक्रिय होते तो विधायक को गांव के बाहर ही रोका जा सकता था।