मसूरी स्थित सुंदरदीप कॉलेज में हुए मतदाता सम्मेलन में बोलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। संवाद
गाजियाबाद। विधान परिषद का चुनाव विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। सभी विधायक इसे अपना चुनाव मानकर काम करें। शुक्रवार को मतदाता सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ-सहारनपुर मंडल की दो सीटों वाले नौ जिलों के मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए।
करीब 30 मिनट चली बैठक में मुख्यमंत्री ने 23 अक्तूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव में पूरी ताकत से जुटने को कहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले इस चुनाव में बेहतर जनसंपर्क से आगे भी लाभ मिलेगा। सभी विधायक अपने क्षेत्र में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से व्यक्तिगत मुलाकात करें और उन्हें सरकार के कार्यों के बारे में बताएं।
स्थिति बेहतर लेकिन अतिआत्मविश्वास में न रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति बेहतर है, लेकिन अतिआत्मविश्वास में न रहें। यह न समझें कि सम्मेलन से काम पूरा हो गया। खुद समझने के साथ कार्यकर्ताओं को भी समझाएं। हर दिन की दिनचर्या में प्रचार की अलग-अलग तैयारियों को शामिल करें, एक दिन भी चूकने पर मतदाता छूट जाएंगे। उन्होंने छोटी-छोटी सभाएं कर सरकार की उपलब्धियां बताने और विपक्ष के दुष्प्रचार के बारे में लोगों को जागरूक करने को कहा। उन्होंने कहा कि विपक्ष युवाओं को गुमराह कर रहा है, इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
बैलेट पेपर पर देना है जवाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष अक्सर कहता है कि बैलेट पेपर से होने वाले चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता। इस चुनाव में उन्हें जवाब देना है। पार्टी अच्छी स्थिति में है, अब जीत का अंतर बढ़ाने के लिए काम करना है। इसके लिए सभी को मिलकर जुटना होगा।
बैठक में विधायकों को मतदान के दिन ज्यादा से ज्यादा शिक्षक और स्नातक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।