गाजियाबाद/डासना। दुर्गा अष्टमी के दिन एक तरफ लोग घरों में कंजक पूजन कर रहे थे, दूसरी ओर गांव इनायतपुर में कोई नवजात बच्ची को रजवाहे के पास छोड़कर चला गया। रोती बच्ची की आवाज सुनकर लोगों की नजर उस पर पड़ी। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे डासना सीएचसी ले गई।
वेव सिटी के चौकी प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह भी सीएचसी पहुंचे। बच्ची को देखते ही उनके मन में ख्याल आया कि क्यों ने इसे अपना लिया जाए। उन्होंने बताया कि इसके लिए पत्नी राशि से पूछा। पत्नी ने जवाब दिया, नवरात्र में कन्या घर आए तो इससे अच्छा भला क्या हो सकता है। बस फिर क्या था, चौकी प्रभारी और उनकी पत्नी ने बच्ची को अपना लिया।
उन्होंने बताया कि बच्ची भगवान का रूप है। वह उसे गोद लेने के लिए विधिक प्रक्रिया पूरी करेंगे। उनकी शादी 2018 में हुई थी। अब तक कोई संतान नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के सभी लोग नवरात्र में मिले मैया के इस आशीर्वाद से बेहद प्रसन्न हैं।