नए साल में शहर सफेद रोशनी में नहाया नजर आएगा। नगर निगम पुरानी सोडियम लाइटों को हटाकर 60 हजार एलईडी लाइटें लगाएगा। नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। रांची, झारखंड की एक फर्म ‘व्हॉइट प्लेकार्ड टेकभनो प्राइवेट लिमिटेड’ का टेंडर क्वालीफाई हुआ है। अब इस पर मंजूरी के लिए नगर निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
यहां से सहमति मिलने पर लाइटें बदलने का काम शुरू कर दिया जाएगा।शहर के 10 हजार खाली पोल पर पहली बार लाइटें लगाई जाएंगी। पुरानी लाइटों को हटाकर नई एलईडी लाइटें लगाने पर नगर निगम पैसा खर्च नहीं करेगा। महापौर अशु वर्मा ने बताया कि पीपीपी मॉडल पर प्राइवेट फर्म अपने खर्च पर इन लाइटों को बदलेगी।
टेंडर प्रकिया में क्वालीफाई हुई फर्म ने बिजली बिल से होने वाली बचत की 25 फीसदी रकम नगर निगम को देने और बाकी 75 फीसदी से खर्च हुए बजट की रिकवरी का प्रस्ताव दिया है। बाकी दो फर्मों ने महज पांच से 11 फीसदी रकम निगम को देने का प्रस्ताव दिया था। सात साल तक प्राइवेट फर्म ही इन लाइटों का मेंटेनेंस भी करेगी। यानी निगम को मरम्मत पर पैसा भी नहीं खर्च करना होगा।
नगर निगम फिलहाल स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल पर करीब 15 करोड़ रुपये सालाना खर्च करता है। निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर भर में स्ट्रीट लाइटें लग जाने के बाद इस बिजली बिल में करीब 60 से 65 फीसदी की बचत हो जाएगी।निगम से कांट्रेक्ट करने वाली प्राइवेट फर्म को मुख्य मार्गों पर पीली फॉग लाइटें लगानी होंगी। ताकि कोहरे के दिनों में ट्रैफिक संचालन में बाधा न हो।
सफेद एलईडी लाइटों से कोहरे में दिक्कतें हो सकती हैं।
- जोन वार लगाई जाने वाली लाइटों की संख्या
सिटी जोन 12681
कविनगर 14940
मोहननगर 11657
वसुंधरा 11422
विजयनगर 9358