बार के सचिव अमित कुमार नेहरा ने बताया कि 29 अक्तूबर को जिला जज के न्यायालय में सुनवाई के दौरान जिला जज ने अधिवक्ताओं से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर निहत्थे अधिवक्ताओं पर पुलिस से लाठी चार्ज कराया। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रस्ताव पास कर जनपद न्यायाधीश को उच्च न्यायालय से तत्काल निलंबन की मांग और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है।
न्यायालय कक्ष में घटित घटना पर बार काउंसिल ऑफ उप्र तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक व प्रभावी कार्यावाही तीन दिवस में अमल में लाए, जिससे कि भविष्य में अधिवक्ताओं के साथ न्यायालयों में इस प्रकार की शर्मनाक व दुखद घटनाएं दोबारा घटित नहीं हो और न्यायिक कार्य प्रभावित होने की संभावनाओं से बचा जा सके। उधर, इस मामले की जांच के लिए गठित यूपी बार की जांच समिति भी सोमवार को ही गाजियाबाद आएगी।
यह था मामला
कोर्ट में हुआ था लाठीचार्ज। 29 अक्तूबर को धोखाधड़ी के एक केस की सुनवाई दूसरी कोर्ट में स्थानांतरित किए जाने की मांग पर अधिवक्ताओं और जिला जज में बहस हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की ओर से कहा गया कि अधिवक्ताओं ने जिला जज से बदसलूकी की।
जिला जज के खिलाफ अवनानना याचिका दाखिल करेगी एचसीबीए
न्यायालय में लाठीचार्ज के विरोध में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (एचसीबीए) गाजियाबाद के जिला जज के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना की याचिका दाखिल करेगी। प्रयागराज में एचसीबीए कार्यकारिणी की एक बैठक रविवार को अध्यक्ष अनिल तिवारी की अध्यक्षता में हुई। कार्यकारिणी ने वर्तमान परिस्थिति पर आक्रोश व्यक्त किया, क्योंकि अधिवक्ताओं को तीन तरफ से प्रताड़ित करने का कार्य न्यायालयों द्वारा किया जा रहा है। बैठक का संचालन करते हुए महासचिव विक्रान्त पाण्डेय ने कहा कि गाजियाबाद के अधिवक्ताओं पर हुए अन्याय पूर्ण व्यवहार के विरोध में सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।