खुली दुकानें तो व्यापारियों ने ली राहत की सांस - शालीमार गार्डन, इंदिरापुरम और वैशाली की मार्केट खोली गई - दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया गया ख्याल - मास्क पहनकर आने वाले को ही दी गई एंट्री
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दो महीने से चल रहे लॉकडाउन के चौथे चरण में मंगलवार को टीएचए की कई कॉलोनियों की दुकानें खोली गई। दुकानदारों ने निर्धारित समय पर दुकान खोली। नियमित साफ सफाई के बाद पूजा अर्चना कर दुकान पर बैठे। हालांकि पहले दिन मार्केट में बेहद कम भीड़ दिखाई दी। दुकानदारों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में बाजार फिर से गुलजार होंगे। कोरोना संक्रमण फैलने की वजह से मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन है। लॉकडाउन की वजह से सभी मार्केटें बंद पड़ी हुई है। लॉकडाउन चार शुरू होने पर सरकार नियमों के साथ दुकानें खोलने की अनुमति दी है। ऐसे में करीब दो महीने बाद मंगलवार को इंदिरापुरम, वैशाली, लाजपत नगर और शालीमार गार्डन, श्यामपार्क आदि इलाके की दुकान खोली गई। प्रशासन की तरफ से निर्धारित समय सुबह दस बजे दुकान खुली और शाम पांच बजे दुकानें बंद हुई। दुकानों पर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जारी गाइडलाइंस का पूरा पालन किया गया। दुकानदारों की माने तो दुकानें खुलने से राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पहले दिन ज्यादा भीड़ नहीं रही। तेज धूप और गर्मी के कारण लोग बाहर नहीं निकले। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में बाजार में फिर से रौनक बिखरेगी। शालीमार गार्डन व्यापरमंडल के पदाधिकारी पारित अग्रवाल ने बताया कि पहले दिन जो उन लोगों को उम्मीद थी कि शायद कोई नहीं आएगा ऐसा नहीं रहा। दुकान खुलने पर औसत खरीदार भी पहुंचे। हालांकि अत्यधिक गर्मी और लॉक डाउन की वजह से खरीदारों की कमी है। पारित ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में बाजार में फिर से रौनक बिखरेगी।
सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया ख्याल
दुकानों पर पहले दिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। इसके साथ ही कोरोना संक्रण रोकने के लिए शासन की तरफ से जारी गाइडलाइन का भी ख्याल रखा गया। दुकानों के बाहर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई। खरीदार को दुकान में एंट्री से पहले हाथ सैनिटाइज कराए गए। इसके साथ ही बिना मास्क के आए खरीदरों को दुकान में अंदर नहीं आने दिया गया। कई दुकानों पर आपस में उचित दूरी बनाए रखने के लिए दिशा निर्देश भी लिखे गए है। जिससे लोग उचित दूरी पर खड़े रहे। ------------