- कंपनी के बाहर 50 से अधिक श्रमिक इकट्ठा होकर सैलरी ना मिलने पर नाराज - सूचना पर पहुंची पुलिस ने श्रमिकों को कराया शांत, - एचआर मैनेजर ने दिया मामले की जांच कराने का आश्वासन
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। श्रमिकों को सैलरी देने के संबंध में प्रशासन द्वारा उद्यमियों को सख्त हिदायत का भी कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। शनिवार को साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 की एक कंपनी के 50 से अधिक श्रमिकों ने मार्च-अप्रैल की सैलरी और ओवरटाइम का पैसा ना मिलने पर जमकर हंगामा किया। हंगामे और प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची लिंक रोड थाने की पुलिस ने श्रमिकों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उधर, कंपनी के एचआर मैनेजर ने सभी श्रमिकों का पैसा अकाउंट में ट्रांसफर होने का दावा करते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
साहिबाबाद गांव निवासी उत्तम कुमार ने बताया कि वह साइट-4 की एक कंपनी में काम करते हैं। उसमें जहाज समेत अन्य बड़े उपकरणों का माल तैयार होता है। जो कि देश-विदेश में सप्लाई होता है। शनिवार सुबह कंपनी के बाहर सुबह से ही श्रमिकों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। 70 से अधिक श्रमिकों की संख्या होने पर आस पास के लोग भी इकट्ठा होने लगे। आरोप है कि कंपनी की तरफ से तमाम श्रमिकों को मार्च और अप्रैल माह की सैलरी नहीं दी गई है। जबकि उन्होंने 21 मार्च तक ओवर टाइम भी किया था। उसका भी पैसा कंपनी की तरफ से नहीं दिया गया है।लॉकडाउन में रोजगार ना होने के कारण अब परिवार के भरण पोषण में दिक्कत आने लगी है। इसके लिए वह पिछले कई दिनों से अपने ठेकेदार से पैसे की मांग कर रहे थे। लेकिन जब उन्हें पैसा नहीं मिला तो कंपनी के अधिकांश श्रमिक मेन गेट पर इकट्ठा होने लगे। वहां उन्होंने सैलरी को लेकर हंगामा व प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही लिंक रोड थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। वहां श्रमिकों को शांत कराकर सभी की समस्या को सुना। इसके बाद पुलिस ने सभी मजदूरों को वापस अपने घर जाने के लिए कहा। उनसे कहा कि झंडापुर, कड़कड़ मॉडल और ब्रिज विहार इलाका रेड जोन में यहां कोरोना संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा है। इस पर 8-10 श्रमिकों को छोड़कर सभी वापस लौट गए। बताया गया कि पुलिस ने मजदूरों के साथ कंपनी के एचआर से वार्ता की। कंपनी के एचआर मैनेजर अनुज त्यागी का कहना है कि सभी श्रमिक कॉन्ट्रेक्ट आधार पर हैं सभी की सैलरी मार्च महीने में ही ठेकेदार को देकर अकाउंट में ट्रांसफर करा दी थी। यदि किसी की सैलरी नहीं मिली है तो कॉन्ट्रेक्टर को बुलाकर अकाउंट चेक कर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी श्रमिक को सैलरी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। ----------------------------------- सुमित कुमार