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१२ वर्षों में १२ बार फांसी की सजा पा चुका है कोली

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12 साल में 12 बार फांसी
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की सजा पा चुका है कोली
गाजियाबाद। नोएडा में करीब 15 साल पहले जिस मामले ने दुनियाभर को हिलाकर रख दिया था, वह निठारी कांड ही था। 29 दिसंबर 2006 को निठारी कांड का खुलासा हुआ तो पूरा देश हिल गया था। कोठी संख्या डी-5 से पुलिस ने जब सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया तो पूर्व में लापता बच्चों की हत्या के राज खुलते चले गए। 2009 से अब तक कोली को 12 वर्षों में 12 मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन 13वें मामले में साक्ष्यों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया।
13वें दिन ही 11 जनवरी 2007 को इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। निठारी कांड में सीबीआई ने कुल 19 मामले दर्ज किए थे। इनमें से 12 मामलों में सुरेंद्र कोली तो फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में 13वें मामले की सुनवाई थी, जिसमें सीबीआई ने अपहरण, हत्या, दुष्कर्म, साक्ष्य मिटाने समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट पेश की थी। लेकिन, कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में कोली को बरी कर दिया। 12 मामलों में फांसी की सजा के बाद यह ऐसा पहला मामला है, जिसमें कोली को बरी किया गया है। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि कोली के कबूलनामे के अलावा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे उसे दोषी ठहराया जा सके।
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एसीएमएम के समक्ष हुए बयान रहे अहम
निठारी कांड का खुलासा होने के बाद नरपिशाचों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग देश केकोने-कोने से शुरू हो गई थी। मामले की गंभीरता देखते हुए सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की। 28 फरवरी और एक मार्च 2007 को सुरेंद्र कोली के दिल्ली में एसीएमएम के यहां अपने बयान दर्ज कराए थे। वीडियोग्राफी के बीच हुए यह बयान उसे सजा सुनाने में अहम साबित हुए।
इन तिथियों पर कोली को मिली फांसी की सजा
- 13 फरवरी 2009
- 12 मई 2010
- 28 नवंबर 2010
- 22 दिसंबर 2010
- 24 दिसंबर 2012
- 16 दिसंबर 2016
- 07 अक्टूबर 2016
- 24 जुलाई 2017
- 08 दिसंबर 2017
- 02 मार्च 2019
- 06 अप्रैल 2019
- 16 जनवरी 2021
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