भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार तानाशाही से बाज नहीं आई तो बंगाल की तरह यूपी में भी 2022 के चुनाव में भाजपा को किसान हराएंगे। यह आंदोलन 2024 तक चला तो किसान लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को हराने का काम करेंगे। नरेश टिकैत शुक्रवार को अपने भाई राकेश टिकैत के जन्मदिन पर यूपी गेट आंदोलनस्थल पर पहुंचे थे।
नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते किसान बॉर्डर पर पड़ा है। सरकार हमें बताए कि किसानों की मांगें मानने में क्या मजबूरी है, हम इसका समाधान करेंगे। प्रधानमंत्री ने एक कॉल की दूरी का शिगूफा छोड़कर हम भोले-भाले किसानों के साथ मजाक किया है।
जब भी किसानों ने मिलने की कोशिश की या शांतिपूर्वक विरोध जताया तो बदले में लाठी व गोलियों से स्वागत किया गया। उन्होंने हरियाणा के आंदोलन में चल रहे सरकार के अत्याचार की चर्चा कर कहा कि एक-एक लाठी की चोट किसानों के सिर पर नहीं दिल पर लगी है, जिसके जख्म भरने वाले नहीं है।
उन्होंने कहा सरकार इस गलतफहमी में न रहे कि आंदोलनस्थल पर हमारी संख्या कम देखकर हटा देंगे। अब यह आंदोलन गर्मी, सर्दी व बरसात के अलावा कोरोना भी झेल चुका है। किसान अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने मंच से सरकार को ललकारते हुए कहा कि आने वाले 26 नवंबर को इस आंदोलन का एक वर्ष पूरा होने जा रहा है और यदि समय रहते सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो यह आंदोलन इतना बड़ा रूप ले चुका होगा, जिसकी कल्पना सरकार ने नहीं की होगी।