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Ghaziabad News: भट्ठा व्यापारी की अपहरण के बाद हत्या, शव मेरठ में दबाया

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गाजियाबाद/मेरठ/दौराला। थाना नंदग्राम के सिकरोड रोड से एक मई को अपहृत किए गए भट्ठा व्यापारी योगेंद्र शर्मा (24) की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शव को दौराला के सिवाया में रैपिडएक्स यार्ड के पास गड्ढे में दबा दिया। शनिवार को हत्यारोपी की निशानदेही पर नंदग्राम पुलिस ने शव बरामद कर लिया।
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थाना नंदग्राम के गांव सिकरोड निवासी देवेंद्र शर्मा भट्ठा व्यापारी हैं। उनका इकलौता बेटा योगेंद्र उर्फ गोलू उनके साथ कारोबार देखता था। उसने डीके ट्रेडर्स नाम से ऑफिस बनाया हुआ था। एक मई की शाम को वह ऑफिस बंद करके निकला लेकिन घर नहीं पहुंचा। काफी तलाश के बाद भी योगेंद्र का सुराग नहीं लगने पर परिजनों ने नंदग्राम थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली लेकिन सफलता नहीं मिली। दिल्ली नगर निगम में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात योगेंद्र के ताऊ प्रमोद कुमार हितैषी ने बताया कि योगेंद्र ने हापुड़ जिले के अजराड़ा निवासी विकास को गैराज किराए पर दे रखा था।
विकास यहां बाइक की सर्विस करने का कार्य करता था। उसने ओला कंपनी में अपनी कार भी लगा रखी थी। योगेंद्र के घर न लौटने पर परिजनाें ने विकास से जानकारी ली तो उसने कहानी बनाकर परिजनों को गुमराह करना शुरू कर दिया। उसने बताया कि योगेंद्र गैराज पर बाइक की सर्विस कराने आया था और बाइक छोड़कर किसी के साथ चला गया। परिजनों को विकास पर शक नहीं हुआ। विकास परिजनों के साथ योगेंद्र की तलाश करने का दिखावा करता रहा। परिजनों ने विकास पर शक जाहिर किया तो शुक्रवार रात पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस की सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
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बार-बार बयान बदला रहा हत्यारोपी विकास

विकास ने बताया कि योगेंद्र के पिता देवेंद्र शर्मा ने उसे गैराज किराये पर दिया था। 40 हजार रुपये विकास ने दे दिए थे, 40 हजार बकाया थे। योगेंद्र लगातार पैसों का तकादा कर रहा था। इसके चलते उसने योगेंद्र की हत्या कर दी। इसके बाद उसने बयान बदलते हुए कहा कि योगेंद्र उसके गैराज में सिगरेट पी रहा था, जिसको लेकर उसने मना किया। दोनों में कहासुनी हो गई। उसने योेगेंद्र की हत्या कर दी। विकास ने पहले हत्या में आठ लोगों के शामिल होने की बात कही, बाद में उसने अपने भाई अमन और कुराली निवासी साले रोहित और अमन के शामिल होने की जानकारी दी।

परिजनों ने 2500 पंफलेट छपवाकर लगवाए

भट्ठा व्यापारी देवेंद्र के दो बेटी मेघा व शिवांगी हैं। देवेंद्र ने बताया कि बड़ी बेटी मेघा की शादी हो चुकी है, योगेंद्र दूसरे नंबर व शिवांगी तीसरे नंबर की है। घर का इकलौता चिराग होने के चलते योगेंद्र सभी का लाडला था। कम उम्र में ही उसने पिता के साथ काम में साथ देना शुरू कर दिया था। ईंट सप्लाई का सारा कार्य योगेंद्र देखता था। बेटे की हत्या के बाद पिता देवेंद्र व माता गीता का रो-रोकर बुरा हाल है।

शव को लेकर कई थाने पार कर मेरठ पहुंचा
दूसरे जिलों में हत्या कर शव मेरठ में ठिकाने लगाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले ऐसे सामने आ चुके हैं। जिसमें हत्या दूसरे जिले या राज्य में की गई और शव मेरठ में लाकर ठिकाने लगाए गए। योगेंद्र का शव जिस जगह मिला, उससे कुछ ही दूरी पर सिवाया-पबरसा मार्ग पर बीते वर्ष नाले में एक युवक का शव मिला, जिसका सिर नहीं था। आज तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। योगेंद्र की हत्या के बाद अपनी कार में शव लेकर विकास गाजियाबाद से सिवाया तक कई थानों को पार करके पहुंच गया।


शव दफनाने के बाद भी हितैषी बना रहा विकास
हत्या कर शव मेरठ में दफनाने के बाद विकास दो मई को गैराज पर पहुंच गया और किसी को शक न हो इसलिए योगेंद्र के परिजनों का हितैषी बना रहा और उन्हें गुमराह करना शुरू कर दिया। उनके साथ योगेंद्र की तलाश में जुट गया। पुलिस ने योगेंद्र की कॉल डिटेल निकाली तो कोई जानकारी सामने नहीं आई। विकास ने एक मई की रात 08:05 योगेंद्र का फोन बंद कर दिया था।

बेहोशी के इंजेक्शन के ओवरडोज से हुई मौत
डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले में विकास समेत उसके दोनों साले रोहित व मनीष को पुलिस हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात कुबूल की है। विकास ने पुलिस को बताया कि उस पर करीब ढाई-तीन लाख रुपये का कर्ज हो गया है। इससे वह काफी परेशान था। ऐसे में उन्होंने भट्ठा संचालक के इकलौते बेटे योगेंद्र का अपहरण कर देवेंद्र से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश रची थी, लेकिन बेहोशी के इंजेक्शन की ओवरडोज से उनकी मौत हो गई।
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