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अपहरण कर बस चालक की हत्या के दोषी को उम्रकैद

सार

अपहरण कर बस चालक की हत्या के दोषी को उम्रकैदगाजियाबाद।बस मालिक ने चालक के खिलाफ बस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।सूचना मिलने के बाद दरोगा भूपेंद्र सिंह वाहनों की चेकिंग करने लगे, उसी दौरान एक व्यक्ति बाइक पर वहां से भागने लगा।
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अपहरण कर बस चालक की हत्या के दोषी को उम्रकैद
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गाजियाबाद। आठ साल पहले बस चालक का अपहरण कर हत्या के बाद बस लूटने वाले चार दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष कोर्ट के न्यायाधीश हीरालाल ने चारों दोषियों पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बस मालिक ने चालक के खिलाफ बस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लालकुआं पर बस में चार लोगों के मिलने पर पुलिस की पूछताछ में चारों ने बताया था कि चालक की हत्या कर मथुरा में फेंक दिया था।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेश त्यागी ने बताया कि 11 मार्च 2014 को बस मालिक ओमपाल सिंह ने चालक अशोक त्यागी के खिलाफ बस चोरी करने का मुकदमा कविनगर थाने में दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में बस लालकुआं पर मिल गई थी। उस समय बस में चार लोग राजपाल, ब्रह्म सिंह, अनुज और मुकेश गर्ग मौजूद थे। पुलिस ने चारों से पूछताछ की तो पता चला कि चारों ने बस लूट कर बेचने के लिए बस ड्राइवर का अपहरण कर बस लूट ली थी। बाद में बस ड्राइवर की हत्या कर उसका शव गाजियाबाद जिले से बाहर मथुरा क्षेत्र में फेंक दिया था। बस को बेचने के लिए आगे निकल गए थे, लेकिन किसी ने बस खरीदी नहीं। इस कारण से चारों बस लेकर वापस आ रहे थे, जिससे कि एएलटी पर ले जाकर खड़ी कर दें। इसके बाद पुलिस ने हत्या, अपहरण लूट और साक्ष्य छुपाने के मामले में चारों आरोपियों को नामजद किया था।
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पुलिस पर जानलेवा हमले के दोषी को सुनाई सजा
गाजियाबाद। पांच साल पहले चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग करने के दोषी नेत्रपाल को अपर जिला जज-7 कोर्ट ने चार वर्ष नौ माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता श्याम सिंह नागर ने बताया कि इंदिरापुरम थाने में तैनात तत्कालीन दरोगा भूपेंद्र सिंह ने 14 दिसंबर 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि शाम को उनके मोबाइल फोन पर सुधीर नाम के व्यक्ति की कॉल आई थी। सुधीर ने बताया कि वैशाली मेट्रो स्टेशन के पीछे वाली सड़क पर खड़ा था, तभी एक बाइक सवार युवक उसकी गाड़ी का शीशा तोड़कर बैग लैपटॉप और जरूरी कागजात निकाल कर भाग गया। सूचना मिलने के बाद दरोगा भूपेंद्र सिंह वाहनों की चेकिंग करने लगे, उसी दौरान एक व्यक्ति बाइक पर वहां से भागने लगा। भूपेंद्र सिंह ने उसे रोकने का इशारा किया, लेकिन वह उसने पुलिस वालों पर गोली चला दी। मुठभेड़ के दौरान फायरिंग करने वाले को धर दबोचा। पूछताछ में उसने बताया कि वह तमिलनाडु का रहने वाला व्यंकटेश है। उसने ही सुधीर की कार का शीशा तोड़कर सामान चुराया था। इसके बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया था, जहां उसे जेल भेज दिया गया था।
विवाहिता की हत्या में पति को दस, सास-ससुर को सात वर्ष कारावास
गाजियाबाद। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या करने के दोषी पति को दस वर्ष और सास-ससुर को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रामचंद्र यादव ने तीनों पर नौ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शादी के दो साल बाद ही विवाहिता की रस्सी पर लटकाकर हत्या कर दी गई थी। मामला ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र का है
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जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता गिरिराज भाटी ने बताया कि रामपार्र्क निवासी ज्योति के पिता सर्वेश भदौरिया ने 24 जुलाई 2015 को ट्रोनिका सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें बताया था कि बेटी ज्योति की शादी पूजा कॉलोनी निवासी देवराज उर्फ भोलू से 21 मई 2013 को की थी। बेटी को शादी में हैसियत से अधिक उपहार भी दिया था। लेकिन ज्योति की सास बीना देवी, ससुर अशोक सिंह और पति देव राज शादी में मिले उपहार से खुश नहीं थे। आए दिन ज्योति को दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करते थे। उसे बुरी तरह मारते पीटते थे। घटना से पहले वाले दिन भी ज्योति से एक लाख रुपये लाने की मांग की गई थी। जब उसने मायके से रुपये लाने में असमर्थता जताई तो उसे मार पीटकर गंभीर रुप से घायल कर दिया। इसके बाद ससुर अशोक सिंह, सास बीना देवी और पति देवराज ने फांसी पर लटका कर उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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