इस बार कांवड़ यात्रा की निगरानी हैक्साकॉप्टर (ड्रोन) से की जाएगी। पुलिस ने रविवार को उसका डेमो करके देखा। इसके अलावा एसएसपी ने मेरठ तिराहे पर कांवड़ कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया।
ट्रैफिक पुलिस ने हैक्साकॉप्टर करीब साढ़े नौ लाख रुपये कीमत में खरीदा है। यह यह जीपीएस और पावरफुल कैमरों से लैस है। करीब ढाई किलोमीटर एरिया में 800 मीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है।
वायरलेस फ्रीक्वेंसी से संचालित इसके कैमरों से वीडियो और फोटो शूट किए जा सकते हैं। ड्रोन से पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर भी रखेगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम से दिल्ली-मेरठ रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग की जाएगी।
पुलिस के आला अधिकारी, सिविल डिफेंस और प्रशासनिक अधिकारी यहां रहेंगे। कंट्रोल रूम पर एक एंबुलेंस, एक फायर ब्रिगेड और डाक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। इस दौरान अगर किसी कांवड़ियों को परेशानी होती है तो तुरंत उसकी मदद की जाएगी।
पहले दिन नहीं चला मॉनिटरिंग सिस्टम
हैक्साकॉप्टर को पहले दिन उड़ाने में तकनीकी टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। हैक्साकॉप्टर को सिग्नल न मिलने की वजह से एसएसपी और डीएम को करीब 10 मिनट इंतजार करना पड़ा। पहले दिन हैक्साकॉप्टर तो उड़ा, लेकिन उसका मॉनिटरिंग सिस्टम खराब होने की वजह से नहीं चला, जिस कारण डेमो के दौरान अधिकारी वीडियो फुटेज नहीं देख सके।