गाजियाबाद। इंदिरापुरम में स्थित कैलास मानसरोवर भवन का संचालन अब जीडीए करेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद धर्मार्थ कार्य निदेशालय और जीडीए के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हो गया है। जल्द ही जीडीए संचालन के लिए थर्ड पार्टी के चयन के लिए टेंडर निकालेगा। दोनों विभागों के बीच 30 साल के लिए अनुबंध किया गया है।
जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दिनों दोनों विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप स्थलीय निरीक्षण किया था। एमओयू हस्ताक्षरित होने के बाद अब इसे संचालन के लिए पीपीपी मोड पर निजी कंपनी को दिया जाएगा। रखरखाव और निगरानी का जिम्मा मुख्य तौर पर जीडीए के पास रहेगा।
साल में आठ महीने निजी कंपनी करेगी संचालन
जीडीए सचिव ने बताया कि टेंडर में चयनित फर्म साल में आठ महीने तक भवन का व्यावसायिक उपयोग कर सकेगी। शर्त यह रहेगी कि भवन में व्यसन जैसे शराब या मीट की मनाही रहेगी। कैलास मानसरोवर यात्रा के दौरान चार महीने यह भवन मानसरोवर यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।
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लाइसेंस फीस का दोनों विभागों के बीच होगा बंटवारा
टेंडर लेने वाली फर्म से मिलने वाले लाइसेंस शुल्क का दोनों विभागों के बीच बंटवारा होगा। एमओयू के मुताबिक 15 फीसदी जीडीए और 85 फीसदी धर्मार्थ कार्य निदेशालय लेगा। करीब आठ हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले इस भवन का निर्माण धर्मार्थ विभाग द्वारा कराया गया था। यह भवन न केवल धार्मिक यात्राओं के लिए बल्कि शहर के पर्यटन, सांस्कृतिक आयोजनों और सामाजिक उपयोग के लिहाज से भी बेहद अहम है। जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि इस भवन को धार्मिक भावना के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए एक आदर्श सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा भी मिलेगा। आने वाले समय में यह भवन गाजियाबाद के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।