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भाजपा वालों के दिल में किसानों के प्रति संवेदना नहीं, मौका है हिसाब कर लो : जयंत चौधरी

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भाजपा वालों के दिल में किसानों के प्रति संवेदना नहीं, मौका है हिसाब कर लो : जयंत चौधरी
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गाजियाबाद। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने गांव सदरपुर में आयोजित जनसभा में कहा कि भाजपा वालों के दिल में किसानों के प्रति भावना, संवेदना नहीं है। अब समय आया है हिसाब कर लो। किसान बाहुल्य क्षेत्र में उन्होंने मधुबन-बापूधाम में जमीन के मुआवजे पर किसानों और जीडीए के बीच चल रहे टकराव के स्थानीय मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के साथ न्याय होना चाहिए।
मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार मुन्नी के समर्थन में जनसभा करने पहुंचे जयंत चौधरी ने कहा कि 1947 के बाद बीते पांच साल में ऐसा मौका आया है जब देश की जीडीपी हर साल गिर रही है। किसानों की आमदनी दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन देश में प्रति व्यक्ति आय आधी रह गई है। भाजपा ने कहा था कि 2022 अमृत वर्ष होगा। गरीबों को मकान, युवाओं को रोजगार, मजदूरों को काम मिलेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो और भी बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन युवाओं को नौकरी देने की बजाय उल्टा छीन ली। हर वर्ष 20 लाख बेरोजगार युवाओं की संख्या बढ़ रही है। चौधरी चरण सिंह कहते थे कि कामगार को काम मिले, हस्तशिल्प बढ़े, छोटे मजदूरों को रोजगार मिले तभी देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश में 100 लोगों के पास 47 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। भाजपा वालों के दोस्तों की आमदनी बढ़ी है और मध्यम व गरीब वर्ग के लोगों की आमदनी आधी रह गई है। फिर भी टीवी देखते हैं तो लगता है कि हमने न जाने कौन सा तीर मार लिया है। जुमले, झूठ और दिखावे से काम नहीं चलता। सरकार के पास विकास की सोच और विजन नहीं है।
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दंगों से शुरू होता है मुख्यमंत्री का भाषण
जयंत चौधरी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को क्रोध ज्यादा आता है, इसी वजह से वह गर्मी और चर्बी की बात करते हैं। वह रोजगार की बात नहीं करते, गन्ना किसानों की बात नहीं करते। उनका भाषण दंगे और गर्मी से शुरू होता है, लोग समझ चुके हैं कि प्रदेश और देश की भलाई भाईचारे में है। इसी वजह से हमने भाईचारा जिंदाबाद का नारा दिया है। यह विकास और तरक्की का नारा है। उन्होंने कहा कि सुरेंद्र कुमार मुन्नी अच्छे प्रत्याशी हैं, कम बोलते हैं, लेकिन झूठ नहीं बोलते। उन्होंने वोट की अपील की।
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हम एकजुट होते तो हम पर लाठी नहीं चलती
जयंत चौधरी ने किसानों के दुखती रग पर हाथ रखा। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने हमें जो राजनीतिक प्लेटफार्म दिया था, उसे हम सहेज नहीं पाए। हम बिखर गए। अगर उनके अनुयायी एकजुट होते तो हम पर लाठी नहीं चलती। किसानों का उत्पीड़न नहीं होता। उनकी आवाज हर सदन में गूंजती। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने गाजियाबाद में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की स्थापना कराई थी। 1960 और 70 के दशक में उनके लेख में किसानों के भविष्य की चिंता दिखाई देती थी।
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