केंद्र सरकार आम बजट पेश करने जा रही है। इस बजट से युवाओं को भी काफी उम्मीदें हैं। युवाओं का कहना है कि देश के विकास में शिक्षा का अहम योगदान रहता है, इसलिए बजट में बेहतर शिक्षा के लिए दी जाने वाली रकम के प्रतिशत को बढ़ाया जाना चाहिए।
खासतौर से टेक्निकल और रोजगारपरक शिक्षा के लिए बजट बढ़ना ही चाहिए। ज्यादा से ज्यादा सरकारी कॉलेज खुलेंगे तो स्टूडेंट्स को सस्ती और अच्छी शिक्षा मिलेगी और वह अपना भविष्य संवार सकेंगे।
स्टूडेंट्स चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के स्किल इंडिया का सपना केवल कागजों में न रहे बल्कि जमीन पर दिखे। साथ ही स्कॉलरशिप हर स्टूडेंट्स को मिले। आरक्षण खत्म हो और योग्यता के आधार पर एडमिशन और सुविधाएं मिले।
क्या कहते हैं स्टूडेंट्स
- शिक्षा के क्षेत्र में विकास के साथ भ्रष्टाचार को खत्म करना जरूरी है। प्राइवेट कॉलेज इतनी फीस लेते हैं कि हर कोई उसे अफोर्ड नहीं कर सकता। इसके लिए पॉलिसी बननी चाहिए।
- राज नंदिनी शर्मा
- सरकारी स्कूल व कॉलेज और खुलें और उनमें सुविधाएं बढ़ाई जाएं। जैसे विदेशों में शिक्षा को जरूरी मानते हुए वहां की सरकार प्राइवेट और सरकारी कॉलेजाें पर नियंत्रण रखती है। वैसा ही यहां भी हो।
- वर्षा जयंत
- स्कॉलरशिप हर स्टूडेंट्स को मिलनी चाहिए। सरकार की नीतियां कुछ वर्गों तक ही सीमित रहती है। स्टूडेंट्स को एक समान देखा जाना चाहिए। तभी समाज में भी समानता आएगी।
- शालू भड़ाना
- सरकार को एजुकेशन का बजट बढ़ाना चाहिए। इसे कम से कम कुछ बजट का 10 प्रतिशत करना चाहिए। जब संसाधन मिलेंगे तभी स्टूडेंट्स को अच्छी एजुकेशन मिल पाएगी।
- कृष्ण राज शर्मा
- टेक्निकल एजुकेशन की तरफ ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसके लिए बजट बढ़ाया जाए। ज्यादा टेक्निकल कॉलेज खोले जाएं। फॉरेन टेक्निकल कॉलेजों में जो सिलेबस है वह यहां भी पढ़ाया जाए।
- वैशाली शर्मा
- स्टूडेंट्स हर साल बढ़ रहे हैं लेकिन उसके मुकाबले कॉलेज व यूनिवर्सिटी नहीं बढ़ रहे। फंड रिलीज करके नए कॉलेज बनाए जाएं। प्राइवेट कॉलेजों पर लगाम कसे।
- शिवांग सक्सेना