गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की आईटी, एजुकेशन और मेडिसिटी विकसित करने की योजना भी रफ्तार पकड़ेगी। हरनंदीपुरम में करीब 130 हेक्टेयर जमीन पर इन सुविधाओं की संभावना तलाशी जाएगी। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जीडीए ने हरनंदीपुरम के नाम से बसाए जाने वाले नए शहर में आईटी, एजुकेशन, मेडिसिटी और एरोसिटी विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द ही सलाहकार एजेंसी का चयन किया जाएगा।
दरअसल, गाजियाबाद को नई पहचान देने के लिए जीडीए लंबे समय से आईटी सिटी, लॉजिस्टिक पार्क, एजुकेशन सिटी, मेडिसिटी और एरोसिटी आदि विकसित करने की योजना बना रहा है। जीडीए की पांच अगस्त को हुई बोर्ड बैठक में इसके लिए सलाहकार फर्म के चयन का प्रस्ताव पास हो चुका है। इन सुविधाओं को गाजियाबाद में कहां विकसित किया जाएगा, इसको लेकर संशय बना हुआ था लेकिन अब सभी अटकलों को दूर कर दिया है।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि हरनंदीपुरम के नाम से 541 हेक्टेयर जमीन पर नया शहर विकसित किया जाना है। इसके लगभग 130 हेक्टेयर हिस्से में आईटी, एजुकेशन, मेडिसिटी और स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। हालाकि, पहले मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के आसपास इन सुविधाओं को विकसित करने पर विचार किया जा रहा था लेकिन दिल्ली और नोएडा से नजदीकी के कारण हरनंदीपुरम में इसकी योजना बनाई जा रही है।
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आईटी सिटी : सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए यहां आईटी कंपनियां निवेश कर सकेंगी। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के बाद गाजियाबाद बेहतर विकल्प बनेगा।
एजुकेशन सिटी : दिल्ली और नोएडा से बेहद नजदीकी के कारण यहां शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र के दिग्गजों को भी निवेश का नया विकल्प मिलेगा।
मेडिसिटी : दिल्ली-एनसीआर में मेडिकल टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में दिल्ली-नोएडा से सटे गाजियाबाद में चिकित्सा संस्थानों को भी एक बेहतर विकल्प मिलेगा।
एरोसिटी : दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण फाइव स्टार होटल से लेकर आधुनिक पार्क, विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर समेत कई सुविधाएं यहां विकसित होंगी।
स्पोर्ट्स सिटी : खेल गतिविधियों को बढ़ावा देकर गाजियाबाद को नई पहचान दिलाने के लिए स्टेडियम के आसपास ही स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने की योजना है।
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सर्वे जारी, एजेंसी का चयन जल्द
हरनंदीपुरम विकसित करने के लिए सर्वे जारी है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह हरनंदीपुरम विकसित किया जाना है, उसकी उत्तरी दिशा में पाइपलाइन रोड, पूर्व दिशा में नॉर्दन पेरिफेरल रोड, पश्चिम दिशा में हिंडन नदी क्षेत्र है। दक्षिण दिशा में दो बड़े गांवों की आबादी को अलग करते हुए बाउंड्री निर्धारित की जानी है। जमीन अधिग्रहण के जरिये ली जाएगी या किसानों से सीधे खरीदी जाएगी, इसको लेकर भी कवायद शुरू हो गई है।
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वर्जन
हरनंदीपुरम को ही अलग-अलग थीम में विकसित किया जाएगा। इसके एक हिस्से में लगभग 130 हेक्टेयर जमीन पर ही आईटी सिटी, एजुकेशन सिटी, मेडिसिटी, स्पोर्ट्स सिटी और एरोसिटी विकसित करने की योजना है। दिल्ली, नोएडा से नजदीकी और बेहतर कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। - अतुल वत्स, उपाध्यक्ष, जीडीए