टाइम टेबल बनाकर नियमित तैयार की जाए तो लक्ष्य को हासिल करना मुमकिन नहीं होता। क्लास रूम में टीचर्स ने जो पढ़ाया, उसे रोजाना घर पर आकर रिविजन किया। प्राइवेट ट्यूशन या कोचिंग नहीं की। टीचर्स और खुद पर भरोसा था, तभी कॉमर्स में 97 प्रतिशत अंक आ सके।
ये कहना है आईएससी डिस्ट्रिक्ट टॉपर याशिका सिंहल का, जो सेंट जोसफ स्कूल की स्टूडेंट है।रिजल्ट घोषित होने के बाद डिस्ट्रिक्ट टॉपर बनने की खबर स्कूल के प्रिंसिपल फादर पीटर और न ही याशिका के परिजनों को थी। मीडिया द्वारा उन्हें टॉपर होने की बात पता चली।
याशिका के दादा डीपी सिंघल और दादी, मम्मी भावना सिंघल, बड़ी बहन मानसी सिंघल और पिता संदीप सिंघल ने मिठाई खिलाकर याशिका को इस उपलब्धि पर बधाई दी। याशिका ने बताया कि बोर्ड में अच्छे मार्क्स आएंगे यह पता था, लेकिन डिस्ट्रिक्ट टॉपर बनने की उम्मीद नहीं थी। परीक्षा से पहले रोजाना आठ घंटे की पढ़ाई की।
टीचर्स श्रीदेवी, सारिका, अनुराधा, मीनू मैडम और बाबी थॉमस सर ने काफी मदद दी। सीएस कर रहीं बड़ी बहन से भी पढ़ाई में मदद मिली। सभी का सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि अगला टारगेट डीयू के एसआरसीसी कालेज में अर्थशास्त्र ऑनर्स कोर्स में दाखिला लेना है। बैडमिंटन खेलना और दोस्तों के साथ घूमना पसंद है।
याशिका को बोर्ड अंग्रेजी में 94, गणित में 94, अकाउंट में 95, कॉमर्स में 100 और अर्थशास्त्र में 99 अंक मिले हैं।
वकील बनना चाहती है मुस्कान
जनपद की सेकेंड टॉपर मुस्कान सैनी वकील बनना चाहती है। कॉमर्स में 96.75 प्रतिशत से पास हुई मुस्कान का सपना दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कालेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम ऑनर्स करना है। इसके बाद एलएलबी कर वकालत के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं।
मुस्कान का कहना है कि लोगों को देश में जल्दी न्याय नहीं मिलता, इसलिए वे इस क्षेत्र में आकर कुछ बेहतर करना चाहती हैं। मुस्कान ने बताया कि पढ़ाई के दौरान स्ट्रेस फ्री रहने के लिए उन्होंने संगीत सुना।
पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा और जब मन किया तभी पढ़ा, दबाव में कभी पढ़ाई नहीं की, जिसकी वजह से बेहतर अंक मिले।
युक्ता आनंद का है प्रोफेसर बनने का ख्वाब
दूसरे स्थान पर ही रहीं होली चाइल्ड स्कूल की युक्ता आनंद का ख्वाब प्रोफेसर बनने का है। युक्ता ने बताया कि वे हमेशा से शिक्षक ही बनना चाहती हैं। शिक्षक ही बच्चों का भविष्य बेहतर बनाता है। आज हम जो भी है, अपने टीचर्स की वजह से हैं। ऐसे में वे शिक्षण को ही करियर के तौर पर अपनाना चाहती हैं।
वह बीकॉम ऑनर्स करने के बाद पीएचडी कर लेक्चरर बनना चाहती हैं। युक्ता भी अपनी फ्रेंड मुस्कान की तरह तैयारी के दौरान कभी स्ट्रेस नहीं लिया। उन्हें गाने सुनना बेहद पसंद है, ऐसे में कई बार गाना सुनते हुए सवालों को हल करने की प्रैक्टिस की।
डॉक्टर बनना चाहती है कि आयुषी जैन
जिले में तीसरे स्थान पर रहीं आयुषी जैन एमबीबीएस कर चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती है। आयुषी ने कहा कि उनमें हमेशा से ही सेवा भावना रही है। अब तक बेहतर अंक हासिल कर चुकी हैं और मंजिल के करीब पहुंच रही हैं।
आयुषी ने बताया कि खेल दौरान भी वह डॉक्टर ही बनना पसंद करती थीं, अब जल्द ही अपना सपना पूरा करेंगी।