स्वाइन फ्लू का अभी भी खतरा टला नहीं है। कभी सर्दी कभी गर्मी की वजह से अभी भी स्वाइन फ्लू के मरीज आ रहे हैं। मंगलवार को विजयनगर की रहने वाली 28 वर्षीया प्रिया महाजन यशोदा में एडमिट कराई गईं। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है।
डा. अंशुल वार्ष्णेय ने बताया कि स्वाइन फ्लू एंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण से फैलता है। सितंबर से लेकर मार्च तक का समय स्वाइन फ्लू के लिए संवेदनशील समय होता है। इसके लक्षण में सामान्य सर्दी, खाँसी, अचानक तेज बुखार, हाथ-पैर व कमर में दर्द, ठंड के साथ बुखार व थकावट आदि होते हैं।
कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू
- संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से।
- उन वस्तुओं को हाथ लगाने से जिसे संक्रमित व्यक्ति ने छुआ हो। संक्रमित व्यक्ति स्वयं के लक्षण आने के एक दिन पहले से सात दिन बाद तक इसे फैला सकता है।
स्वाइन फ्लू: क्या रखें सावधानी:
- जितना संभव हो हाथ साबुन से धोएं।
- संक्रमित व्यक्ति या ऐसा व्यक्ति जिसे स्वाइन फ्लू की आशंका हो, उससे दूरी रखें (कम से कम 6 फुट)।
- यदि आपको स्वयं को स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो घर में रहिए।
- यदि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना मजबूरी है तो फेस मास्क या रेस्पिरेटर पहनें।
- भीड़ वाली जगह पर न जाएँ।
- पानी अधिक मात्रा में पिये।
आसिलटेमाविर (टेमीफ्लू) नाम की दवा यदि लक्षण आरंभ होने के 48 घंटे के अंदर शुरू की जाए तो सहायक हो सकती है।