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गाजियाबाद: सैंया जी पूरी वाले के यहां छापेमारी, 10 घंटे तक खंगाले दस्तावेज, 17.85 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी

Sat, 01 Jun 2024 03:01 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

अपर आयुक्त ने बताया कि सैंया जी पूरी वाले की ओर से कंपाउंड स्कीम में निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर व्यापार किया जा रहा था। जीएसटी पोर्टल पर डाटा एनालिसिस करने के बाद एसआईबी ने रेकी की। इसके आधार पर मिली जानकारी के आधार पर छापा मारा गया।
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सैंया जी पूरी वाले की दुकान पर जांच करती राज्य कर विभाग की टीम। 
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विस्तार
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गाजियाबाद के मालीवाड़ा चौक स्थित सैंया जी पूरी वाले की दुकान पर बृहस्पतिवार को देर रात तक राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) दस्तावेज खंगालने में जुटी रही। टीम ने प्रारंभिक जांच में 17.85 लाख रुपये की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी पकड़ी है। जांच के दौरान जब्त किए गए खरीद-बिक्री सहित अन्य दस्तावेजों से कर चोरी की वास्तविक राशि का पता लगाया जा रहा है। मामला कंपाउंड स्कीम (समाधान योजना) में निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर जीएसटी में हेरफेर का बताया जा रहा है।

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राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र के निर्देशन में आठ अधिकारियों की टीम बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे दुकान पर जांच के लिए पहुंची थी। अपर आयुक्त ने बताया कि सैंया जी पूरी वाले की ओर से कंपाउंड स्कीम में निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर व्यापार किया जा रहा था। जीएसटी पोर्टल पर डाटा एनालिसिस करने के बाद एसआईबी ने रेकी की। इसके आधार पर मिली जानकारी के आधार पर छापा मारा गया। परिसर में फर्म का कच्चा और निर्मित माल रखा पाया। फर्म ने खाद्य पदार्थ तैयार करने के अंतर्गत जीएसटी पंजीकरण कराया है, लेकिन मौके पर कई टेबल, कुर्सी रखे थे और कई लोग भोजन करते पाए गए। फर्म की ओर से रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा था। कंपाउंड स्कीम की आड़ में जीएसटी पंजीकरण कराकर कम टैक्स दिया जा रहा था। जांच टीम ने प्रारंभिक जांच के दौरान करीब 17.85 लाख रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है, जिसे संबंधित व्यापारी ने स्वीकार करते हुए राशि जमा कराई है।

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विभाग को धोखा देकर उठा रहे योजना का लाभ
सालाना 1.50 करोड़ रुपये टर्नओवर तक के व्यापारी समाधान योजना के दायरे में आते हैं। समाधान योजना के अंतर्गत ऐसे व्यापारियों को पंजीकरण करना होता है। इसमें सर्विस प्रोवाइडर के लिए जीएसटी की देयता पांच प्रतिशत तय है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए दो प्रतिशत और ट्रेडर्स के लिए एक प्रतिशत कर देता निर्धारित है, लेकिन राज्य कर विभाग को धोखा देकर ऐसे व्यापारी भी योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। कम बिक्री दिखाकर खुद को योजना में शामिल किए हुए हैं।

विभाग के रडार पर कई रेस्तरां
राज्य कर विभाग के गाजियाबाद जोन के अंतर्गत आने वाले जनपद गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विभागीय सूचनाओं के आधार पर ऐसे व्यापारियों को चिह्नित किया जा रहा है जो जीएसटी की कंपाउंड स्कीम की आड़ में अपना टर्नओवर छुपाकर कम टैक्स की अदायगी कर रहे हैं। इनमें कई रेस्तारां भी विभाग के रडार पर हैं। जीएसटी समाधान योजना के अंतर्गत पंजीकृत रेस्तरां आदि पर विभाग की पैनी नजर है। ऐसे व्यापारियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है।

समाधान योजना का लाभ लेने वाले सभी व्यापारियों से बार-बार अनुरोध किया जाता है कि वह अपने वास्तविक टर्नओवर के आधार पर टैक्स जमा करें। जो व्यापारी ऐसा नहीं कर रहे हैं उनपर कार्रवाई की जा रही है। -दिनेश कुमार मिश्र, अपर आयुक्त ग्रेड-1 राज्य कर विभाग
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