गाजियाबाद। कानून व्यवस्था के बाद अब विधुत विभाग ने 26 फीसदी बिजली चोरी को 10 से 15 फीसदी करने के लिए महाअभियान शुरू कर दिया है। डीईआरसी बिजली कंपनियों के चोरी के मामले में लगातार हीलहवाली से खासा नाराज है।
यही वजह है कि आयोग ने एक एंजेसी को हॉयर कर सूबे में बेइंतहा लाइन लॉस का कारण जानने का टारगेट दे दिया है। एजेंसी में आयोग के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। सबसे पहले गाजियाबाद के साथ सहारनपुर में एक-एक फीडर पर लाइन लॉस का कारण खोजा जाएगा।
जांच एजेंसी में आयोग के निदेशक (वितरण) विकास चंद्र अग्रवाल और पूर्व विद्युत लोकपाल आरएस पांडेय इस जॉच दल में शामिल हैं। आयोग की ओर से पश्चिमांचल विधुत निगम कोे लगभग 50 फीसदी लाइन लॉस हो रहा है।
जिसके चलते लोकल फाल्ट का बोलबाला रहता है। खमियाजा पूरा इलाका घंटों की अघोषित कटौती की रूप में झेलता है। एजेंसी का तय समय सीमा में लाइन लॉस के सही कारणों की जांच कर आयोग को रिपोर्ट देनी होगी। वैसे कारपोरेशन ने भारी-भरकम लाइन लॉस के लिए बड़ी तादात में बगैर मीटर के उपभोक्ता, खराब वितरण प्रणाली और सब-स्टेशनों पर बिजली की खपत को जिम्मेदार बताया।