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Ghaziabad News: रैपिड रेल स्टेशन के निर्माण में अड़ंगा, किसान ने नहीं दिया कब्जा

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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के मेरठ तिराहा स्टेशन के निर्माण में अड़ंगा लग गया है। इस स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार व अन्य जरूरतों के लिए अधिग्रहीत की गई बोंझा की जमीन पर तीन लोगों ने कब्जा देने से इन्कार कर निर्माण कार्य करने का विरोध कर दिया है। इससे रैपिड रेल परियोजना का काम प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को एनसीआरटीसी के अधिकारी कलक्ट्रेट पहुंचे और एसडीएम से मिलकर अधिग्रहीत की गई जमीन पर कब्जा दिलाने की बात कही। एसडीएम ने तहसील और पुलिस के अधिकारियों को जमीन खाली कराकर परियोजना के लिए उपलब्ध कराने को कहा है।
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बौंझा के कई खसरा नंबरों के साथ-साथ खसरा नंबर-67 का भी अधिग्रहण किया गया है। अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर प्रशासन ने मुआवजा भी तय कर दिया है। अन्य लोगों ने मुआवजा ले लिया, लेकिन नूरजहां, सिराजुद्दीन और हाजी बशरुद्धीन निवासी भट्ठा इब्बू खां की ओर से प्रतिकर लेने के लिए अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। उन्होंने मुआवजा नहीं उठाया है। ऐसे में एनसीआरटीसी के अधिकारी यहां निर्माण कार्य नहीं करा पा रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू करने पर वह विरोध कर देते हैं और इसकी वजह से टीम को लौटना पड़ता है। एडीएम भूअर्जन श्याम अवध चौहान की ओर से एसीपी नंदग्राम और एसडीएम सदर को पत्र भेजकर परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य में अवरोध कर रहे लोगों पर कार्रवाई करने को कहा है। एसडीएम सदर विनय कुमार सिंह का कहना है कि तहसीलदार और संबंधित थाने के एसएचओ को भेजकर जमीन पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। अधिग्रहण होने के बावजूद जमीन पर निर्माण करने में बाधा डाल रहे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
जमीन न मिली तो रैपिड रेल के संचालन में हो सकती है और देरी
रैपिड रेल के दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त की ओर से मॉनीटरिंग की जा रही है। एनसीआरटीसी ने इसी साल जून में साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल का संचालन शुरू करने का दावा किया है। ऐसे में बौंझा के किसानों से जमीन मिलने में देरी हुई तो यह प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी हो सकती है और ट्रेन का संचालन लेट हो सकता है।
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तीन बार जारी किए गए नोटिस
एडीएम भूअर्जन श्याम अवध चौहान का कहना है कि अधिग्रहीत जमीन का प्रतिकर दिए जाने के लिए संबंधित लोगों को नवंबर 2022 से जनवरी 2023 तक तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उनकी ओर से अभी भी प्रतिकर लेने के लिए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
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