गाजियाबाद। इंटरलॉकिंग टाइल्स के पांच सैंपल लेकर महापौर ने नगर निगम की लैब में जांच कराई तो तीन टाइल्स मजबूती की परीक्षा में फेल हो गईं। विजयनगर में पीली और पुरानी ईंटों से नाला बनाया जा रहा था।
महापौर ने ठेकेदारों को नोटिस देने के आदेश दिए हैं। बता दें कि इससे पहले मुकुंदनगर, सेवानगर और घूकना में भी टाइल्स घटिया मिली थीं। महापौर अशु वर्मा बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे अधिशासी अभियंता एसएस चौहान, सहायक अभियंता विकास कुरील को लेकर विजयनगर क्षेत्र पहुंचे।
उन्होंने वार्ड-23 के डूंडाहेड़ा क्षेत्र, वार्ड-18 के साउथ साइड जीटी रोड इंडस्ट्रियल एरिया, वार्ड-3 की आदर्श कालोनी और वार्ड-45 के प्रताप विहार सेक्टर-11 से इंटरलाकिंग टाइल्स के सैंपल लिए। महापौर ने इनकी लैब में जांच कराई तो वार्ड-23 डूंडाहेड़ा में लगाई जा रही टाइल्स 700 की बजाय 425 किलो न्यूटन का दबाव ही झेल पाई।
साउथ साइड इंडस्ट्रियल एरिया की टाइल 700 की बजाय सिर्फ 600 किलो न्यूटन, वार्ड-3 आदर्श कालोनी में लगाई टाइल्स सिर्फ 475 किलो न्यूटन दबाव ही झेल सकीं। तीनों टाइल्स जांच में फेल पाई गईं। वहीं वार्ड-45 सेक्टर-11 प्रताप विहार में टाइल्स 650 किलो न्यूटन का दबाव झेल गई।
हालांकि यह दोनों टाइल्स भी 700 किलो न्यूटन का दबाव नहीं झेल सकीं, लेकिन इन्हें बेहतर मानते हुए पास कर दिया गया। इन तीन फर्मों पर होगी कार्रवाई: अंजली कंस्ट्रक्शंस, जुबेर कंस्ट्रक्शंस और प्रमोद सिंघल की फर्म के खिलाफ निर्माण विभाग ने नोटिस जारी किए हैं।
तीनों फर्मों को मानकों के मुताबिक टाइल्स लगानी होंगी। निगरानी की जिम्मेदारी महापौर ने अधिशासी अभियंता एसएस चौहान को दी है। मेयर का कहना है कि यदि अब घटिया सामग्री मिली तो संबंधित जेई पर भी कार्रवाई होगी।
जेई को कारण बताओ नोटिस जारी: सैंपल लेने के दौरान महापौर को संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता नानक चंद एक भी साइट पर नहीं मिले। महापौर ने अवर अभियंता को भी कारण बताओ नोटिस जारी कराया है।