गाजियाबाद। सिहानी गेट थाने में तैनात रहे एक दरोगा को खुद पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जिलाबदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट जाना पड़ा। आरोप है कि पुलिस आयुक्त से लेकर तमाम अधिकारियाें से उन्होंने गुहार लगाई लेकिन थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इसलिए उनको कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट ने अब कविनगर पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।
लाेकेंद्र सिंह की तैनाती इन दिनों पुलिस लाइन में है। अगस्त माह में उनकी तैनाती सिहानी गेट थाने में थी। लाेकेंद्र सिंह ने कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि वह चार अगस्त को कोर्ट में जा रहे थे, तभी उन पर चंदक्रांत व उसके बेटे गौरव निवासी कमला क्वार्टर भाटिया मोड़ ने हमला कर दिया। पिस्टल से फायर किया और उनके हाथ से सरकारी कागज छीनकर फाड़ दिए। मामले में उन्होंने इसकी शिकायत कविनगर पुलिस को दी थी लेकिन एसएचओ ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वह एसीपी से मिले, उन्होंने भी इसका संज्ञान नहीं लिया। डीसीपी व पुलिस आयुक्त से भी वह मिले, लेकिन अधिकारियों ने उनकी मदद नहीं की।
लोकेंद्र ने बताया कि चंद्रकांत व गौरव जिलाबदर हैं, उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। पिछले दिनों चंद्रकांत व गौरव के खिलाफ आई एक शिकायत की उन्होंने जांच की थी, जिसके बाद से दोनों पिता पुत्र उनसे रंजिश रखने लगे। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में शिकायत मिली थी। जांच भी कराई गई थी। इसी बीच लोकेंद्र सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। अब साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।