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Ghaziabad News: संक्रामक बीमारियां फैल रहीं, विभाग एडवाइजरी तक सीमित

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गाजियाबाद। बारिश में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जाने वाला संचारी रोग नियंत्रण अभियान सिर्फ एडवाइजरी जारी करने तक ही सीमित है। इस बात की तस्दीक जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या से हो रही है। पिछले एक सप्ताह में एमएमजी अस्पताल में 560 डायरिया और बुखार के मरीज भर्ती हो चुके हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार और डायरिया के तीन सौ से चार सौ मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। सीएचसी, पीएचसी और संयुक्त अस्पताल में भी चार सौ से पांच सौ मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि पूरी टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगा रखी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी कम होने के बाद अब सांस और बुखार के अलावा उल्टी-दस्त के मामले भी सामने आने लगे हैं। बाढ़ के पानी घरों में सूखने के बाद लोग घरों में लौटने शुरू हो गए हैं। ऐसे में अब प्रभावित क्षेत्रों में बुखार, खांसी और त्वचा रोग के मरीज मिल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जलभराव होने से जलजनित और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना है। बाढ़ प्रभावित करहेड़ा, अटोर नंगला, लोनी के दस गांव में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।



इन क्षेत्रों से आ रहे डायरिया के मरीज
संजय नगर, जागृति विहार, सुदामापुरी विजयनगर, उदल नगर, पटेल नगर, नंदग्राम, बम्हैटा से डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। वहीं, देहात इलाकों में मोदीनगर, मुरादनगर, डासना, मसूरी, भोजपुर में डायरिया के ज्यादा मरीज हैं।
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स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि विभाग की ओर से डायरिया और आई फ्लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। लोगों और छात्रों को जागरूक करने के लिए सभी सरकारी अस्पताल और स्कूलों में पोस्टर चस्पा किए गए हैं। पीने का पानी में क्लोरीन की गोली मिलाने और खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आई फ्लू के मामले में स्वच्छता को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।


24 घंटे निगरानी के निर्देश


सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविर लगाकर कार्य किया जा रहा है। इस समय पानी कम होने के बाद संक्रामक और जलजनित बीमारियां होने का खतरा है। टीम लगाकर लोगों को पहले से ही दवाइयां, ओआरएस घोल और क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही है। संबंधित क्षेत्र के चिकित्साधिकारी को 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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