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न मिल रहे ऑर्डर न है फंड कैसे पकड़े उद्योग रफ्तार

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न मिल रहे ऑर्डर न है फंड कैसे पकड़े उद्योग रफ्तार - साहिबाबाद स्थित सभी औद्योगिक क्षेत्र में कई अन्य फैक्ट्री एटलस और ऑटो गियर कंपनी की तरह बंद होने की कगार पर - कर्मचारियों और फंड की कमी के चलते उद्यमी नहीं चला पा रहे अपनी इंडस्ट्री माई सिटी रिपोर्टर साहिबाबाद। लॉकडाउन में औद्योगिक इकाइयों पर आर्थिक संकट का दौर खत्म नहीं हो रहा है। औद्योगिक इकाइयां शुरू होने के बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। औद्योगिक इकाइयों के पास न तो ऑर्डर आ रहे हैं और न ही फंड है। इसके साथ ही कर्मचारियों की कमी से भी कई इकाइया जूझ रही हैं। इसके चलते ही औद्योगिक क्षेत्र स्थित एटलस और ऑटो गेयर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ले ऑफ ले रही है। ऐसे ही कई और कंपनियां हैं जो बंदी की कगार पर हैं। जल्द ही उन्हें राहत नहीं मिली तो स्थिति और खराब हो जाएगी। उद्यमियों के सामने इकाइयों को चलाने में कई तरह की समस्या आ रही है। उद्यमियों के सामने सबसे बड़ी समस्या फंड की है। करीब तीन महीने तक फैक्ट्री बंद होने के चलते फंड की कमी हो गई है। कई इंडस्ट्री तो ऐसी है कि उनके पास वेतन देने तक के पैसे नहीं है। यहीं नहीं लॉकडाउन में पलायन की वजह से कंपनियों में कर्मचारियों की काफी कमी हो गई है। इसकी वजह से उत्पादन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। कई कंपनियों के पास तो ऑर्डर तक नहीं आ रहे हैं। ऐसे में वह फैक्ट्री के खर्चे तक पूरे नहीं कर पा रहे हैं। कई कंपनियों पर ऑर्डर है तो रॉ मैटेरियल नहीं मिलने के चलते कंपनी संचालन करने में काफी तकलीफ हो रही है। ऐसे में साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रीयल एरिया, आनंद इंडस्ट्रीयल एरिया, मोहन नगर इंडस्ट्रीयल एरिया में चल रही एमएसएमई कंपनियां एटलस और ऑटो गियर्स कंपनी की तरफ बंद होने की कगार पर आ चुकी है। उद्यमियों की माने तो अगर सरकार ने स्पोर्ट नहीं किया तो स्थिति काफी बदतर हो जाएगी। उद्यमियों का क्या है कहना   लॉकडाउन-4 में औद्योगिक इकाइयां खोलने की परमिशन दी। लेकिन प्रशासन की अनुमति के बाद उद्यमियों के सामने कई बड़ी चुनौतियां आ गई। जिनकी वजह से औद्योगिक इकाइयों का पहिया पूरी तरह से थम गया। नरेंद्र बिष्ट, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रीयल एरिया लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रही देश की सबसे बड़ी एटलस साइकिल कंपनी के बंद होने की राह पर हिंडन पार क्षेत्र की तमाम कंपनियां भी चल रही हैं। जो न केवल आर्थिक, बल्कि मेन पॉवर और तमाम परेशानियों से जूझ रही हैं। लॉकडाउन में उद्यमियों की कमर टूट गई। अजीत तोमर , साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट चार लॉकडाउन के बाद उद्यमियों के पास रोजगार देने के लिए भी मौका नहीं होगा। जबकि कंपनियों में नया ऑर्डर नहीं है और सप्लाई चेन जुड़ नहीं पा रही है। उद्यमी अभी काफी गहरे संकट से गुजर रहे हैं। उत्पादक बनाने के लिए माल नहीं है तो ज्यादातर कपनियां माल सप्लाई न होने से चिंतित हैं। इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार को राहत पैकेज के लिए पत्र भेजे हुए हैं। आनंद औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष राजू पांचाल
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