गाजियाबाद। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर दबंगई दिखाने का शौक युवाओं को भारी पड़ रहा है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर तमंचा, पिस्टल व चाकू लहराकर वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मई और जून के दौरान पुलिस ने 102 ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए 161 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इनमें 54 आरोपी केवल हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान 75 तमंचे, 35 पिस्टल, दो लाइसेंसी शस्त्र, 14 चाकू और 291 कारतूस बरामद किए गए। इन मामलों में 102 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं यातायात) राजकरन नय्यर ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार का उद्देश्य संगठित अपराध, नशा तस्करी, अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और वांछित अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के साथ रील बनाकर दहशत फैलाने या फॉलोअर्स बढ़ाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि साइबर सेल और सर्विलांस टीम इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर ऐसे वीडियो की लगातार निगरानी कर रही है। कई युवा शौक या गैंगस्टर जैसी छवि बनाने के लिए अवैध हथियारों के साथ रील बना रहे हैं। पिछले दो महीनों में गिरफ्तार किए गए 54 रीलबाजों में चार किशोर भी शामिल हैं। इनके कब्जे से हथियार जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
इंस्टाग्राम पर कोडवर्ड में बुक हो रहे थे नशे के ऑर्डर
राजकरन नय्यर ने बताया कि साइबर सेल ने ट्रांस हिंडन जोन और नंदग्राम क्षेत्र में ऐसे नेटवर्क भी चिह्नित किए हैं, जो इंस्टाग्राम के जरिये मादक पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। आरोपी ऑर्डर लेने, डिलीवरी का स्थान तय करने और भुगतान संबंधी बातचीत कोडवर्ड में करते थे। अभियान के दौरान पुलिस ने 350.471 किलोग्राम गांजा, 8.25 किलोग्राम चरस, पांच ग्राम हेरोइन और 5.400 किलोग्राम अफीम समेत करीब 2.66 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ बरामद किए। इस कार्रवाई में 91 मुकदमे दर्ज कर 155 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
(संवाद)