गाजियाबाद। नगर निगम की 1,702 दुकानों का किराया बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। निगम के चार जोन में करीब 30 बाजारों की दुकानों के किराये में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को निगम बोर्ड से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। व्यापारियों के विरोध के कारण चुनाव से पहले इस मामले को टाल दिया गया था। अब चार जून के बाद किराये में बढ़ोतरी की तैयारी नगर निगम की तरफ से की जा रही है। नई दरों के अनुसार किराये में चार से 18 हजार रुपये तक का इजाफा हो सकता है।
नगर निगम बोर्ड की 9 जनवरी को हुई बैठक के दौरान अनुपूरक प्रस्ताव में निगम की 1,702 दुकानों का किराया बढ़ाने पर चर्चा के बाद प्रस्ताव पास कर दिया गया था। पार्षदों का तर्क था कि निगम से दुकानें आवंटित कराकर व्यापारी नाममात्र किराया दे रहे हैं और उन्हीं दुकानों से मोटी आमदनी कर रहे हैं। छोटी सी दुकानें आज शोरूम के रूप में तब्दील हो गई हैं। एक-एक करोड़ रुपये की पगड़ी पर दुकानें हस्तांतरित की जा रही हैं। कुछ पार्षदों ने तो आवंटन निरस्त करने की मांग भी उठाई थी। हालांकि, इसके बाद से ही व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया था। किराया बढ़ाने के विरोध में बाजार बंदी भी की गई। जिसके बाद व्यापारियों का पक्ष सुनने और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही बढ़ा किराया लागू करने की बात नगर निगम की तरफ से की गई थी। इस संबंध में एक समिति भी बनाई गई थी, जो नगर निगम और व्यापारियों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है। निगम के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव सदन में पास हो चुका है। केवल 40-50 ही ऐसी दुकानें हैं जो अन्य दुकानों के आवंटन की शर्तों से अलग हैं। मसलन, यह वो दुकानें हैं जिन्होंने एकमुश्त प्रीमियम या पगड़ी पर दुकानें लीं थी। आवंटियों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड और नगर निगम के पास उपलब्ध दस्तावेजों में भिन्नता सामने आ रही है। ऐसे में रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। अगले माह बढ़ा किराया लागू किया जा सकता है।
दो दिन पहले हुई बैठक में भी टला मामला
दो दिन पहले कुछ व्यापारी नगरायुक्त से मिलने गए थे। व्यापारी नेता राजू छाबड़ा ने बताया कि किराया बढ़ोतरी के मामले में जो समिति बनाई गई है व्यापारियों के साथ उसकी बैठक कराने के लिए कहा गया है, लेकिन नगर आयुक्त ने चार जून के बाद बातचीत का आश्वासन दिया है। व्यापारियों का कहना है कि सालों से निगम को किराया बढ़ाने की याद नहीं आई। दुकानों के नामांतरण के नाम पर हर बार दुकानों का दोगुना शुल्क वसूला गया। ऐसे में किराया बढ़ाना उचित नहीं होगा।
नियमन का भी बढ़ सकता है बोझ
नगर निगम बोर्ड में स्पष्ट किया गया था कि ऐसे लोगों की संख्या कहीं ज्यादा है जिन्होंने दुकानों को दूसरों के नाम हस्तांतरित कर दिया जो मूल आवंटी नहीं हैं। उन्हें दुकाने नियमित करने का भी मौका दिया जाएगा। तीन लाख रुपये एकमुश्त जमा कराकर दुकान अपने नाम कराई जा सकेगी।
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वर्जन
निगम की दुकानों के किराये में बढ़ोतरी का प्रस्ताव बोर्ड से पहले ही पास हो चुका है। हालांकि, अभी व्यापारियों और निगम के पास उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक
कहां कितना किराया प्रस्तावित
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सिटी जोन किराया प्रति माह
रामानुज दयाल मार्केट 7,000
सब्जीमंडी लाइब्रेरी रोड 7,500
पॅलिका ट्रक स्टैंड 6,000
मेरठ रोड इंडस्टि्यल एरिया 4,000
घूकना मोड 4,000
गंदा नाला 6,000
नवयुग मार्केट मिनी दुकान 6,000
सिहानी पुलिस चौकी 4,500
नेहरू नगर 8,000
पटेल मार्ग 8,000
न्यू मार्केट पुरानी तहसील 6,000 व 12,000
गोल मार्केट 6,000 व 12,000
मोहननगर जोन
नरेंद्र मोहन अस्पताल के पास 6,000
अस्पताल के सामने खिड़कीनुमा 4,000
मोहननगर चौकी के पीछे 4,000
अर्थला 5,000
साहिबाबाद रेलवे स्टेशन 5,000
राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र 4,000
लाजपत थाना साहिबाबाद 6,000
विजय नगर जोन
डी ब्लॉक 6,000
कार्यालय के पास 6,000
कवि नगर जोन
राजनगर रेलवे के सामने 6,000
अर्धनिर्मित रेलवे के सामने 6,500
कविनगर कार्यालय के सामने 18,000
कविनगर 8 बाई 10 7,000
कविनगर औद्योगिक कियोस्क 4,000
कविनगर मेन मार्केट 4,000