साहिबाबाद/कौशांबी। दिल्ली आयकर विभाग मं तैनात निरीक्षक को पत्नी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा हुआ है। पुलिस दस्तावेज की जांच कर रही है। नरेला के नई बस्ती मंडी में रहने वाले कुश कुमार वर्मा आयकर निरीक्षक हैं। 2020 में उनकी विभाग में कार्यरत निरीक्षक के जरिए नीतिखंड के राजेश पांडेय से जान पहचान हुई। दोनों में बातचीत होने पर दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद राजेश ने उनसे कारोबार में घाटा होने पर 25 लाख की आर्थिक मदद मांगी। शुरुआत में उन्होंने पांच लाख रुपये फिर 17 लाख रुपये उधार दे दिए। इसका उन्होंने एक अनुबंध भी कराया। उनका कहना है कि राजेश ने उधार ली हुई रकम को तीन माह में देने का भरोसा दिया लेकिन समय बीतने पर भी उसने रुपये नहीं दिए। आरोप है कि काफी दबाव बनाने पर राजेश ने उन्हें 22 लाख रुपये का एक चेक दिया लेकिन वह बैक अकाउंट में डालने पर बाउंस हो गया। सितंबर 2022 में राजेश ने उनसे कहा कि वह पैसे नहीं दे पा रहा है।उसकी बैंक में जान पहचान है, अगर वह चाहे तो उनकी पत्नी की बैंक में नौकरी लगवा देगा। वह उसकी बात मान गए और बैंक का फार्म व अन्य कागजात दे दिए लेकिन इस बार भी नौकरी नहीं लगने पर उन्हें उसकी धोखाधड़ी का पता चला। एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
शेयर मार्केट में निवेश के बहाने ठगे चार लाख रुपये :
लाजपत नगर की रजनी ने बताया कि पति के दोस्त ने राजस्थान में रहने वाले रविंद्र का नंबर दिया। संपर्क करने पर उसने खुद को शेयर मार्केट का जानकार बताकर निवेश करने की सलाह दी। उन्होंने बातों में आकर कई बार में चार लाख रुपये शेयर मार्केट में लगाने के लिए दे दिए। कुछ समय बाद उससे रकम मांगी तो उसने रुपये देने से मना कर दिया। अब वह परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। एसीपी साहिबाबाद भास्कर वर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। आरोपी की तलाश करने के लिए टीमें लगाई हैं।