हापुड़। 1200 करोड़ के नलकूप बिल घोटाले में मंगलवार को मेरठ रोड सिंचाई गेस्ट हाऊस में महत्वपूर्ण बैठक हुई। पहली बार एमडी पीवीवीएनएल इस मुद्दे पर बैठक में शामिल हुए। दस हजार से अधिक किसानों को राहत दिलाने के लिए 15 सितंबर से पोर्टल खोलने का निर्णय लिया गया। पोर्टल पर किसान जमा रसीदों के साक्ष्य अपलोड करेंगे।
वर्ष 2004 में नलकूप बिल घोटाला सामने आया था। दो दशक तक इस मामले में जांच चलती रही, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पिछले वर्ष पहली बार अधिकारिक तौर पर पोर्टल लॉंच कर, किसानों से जमा रसीदों का साक्ष्य मांगा था। करीब 700 किसानों ने रसीदें जमा भी की।
हालांकि ऐसे किसानों की संख्या दस हजार से अधिक है। मंगलवार को एमडी पीवीवीएनएल रवीश कुमार गुप्ता हापुड़ पहुंचे। इस बैठक में डीएम समेत तमाम विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। एमडी ने इस प्रकरण से जुड़े सवाल अधिकारियों से किए। साक्ष्य और पुरानी रिपोर्टों का अवलोकन किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 सितंबर को पोर्टल खोला जाएगा। इस पर किसान जमा रसीदों के साक्ष्य अपलोड करेंगे। इन रसीदों का मिलान विभाग के पास मौजूद रिकॉर्ड से किया जाएगा। पोर्टल 30 सितंबर तक खुला रहेगा। घपला करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
-
-गायब लेजर और रसीद बुक बन रहीं समस्या का सबब-
नलकूप बिल घोटाला करने वालों ने उस समय लेजर और रसीद बुक तक गायब कर दीं थी। अनेकों रसीद बुकें नालों में भी मिलीं थी। ऐसे में विभाग के पास अधूरा रिकॉर्ड भी समस्या का सबब बन रहा है।
-
-15 सितंबर से खुलेगा पोर्टल-
नलकूप किसानों के लिए 15 सितंबर से पोर्टल खुलेगा। इस पर किसान जमा बिलों की साक्ष्य रसीदों को अपलोड करा सकेंगे। 30 सितंबर तक पोर्टल खुला रहेगा।सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता।