लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने केलिए खोले गए जनधन खातों में अचानक से कैश का फ्लो बढ़ गया है। बड़ी संख्या में जनधन योजना के ऐसे एकाउंट चिंहित किए गए हैं, जिनमें मोटी रकम जमा की जा चुकी है, जबकि विगत कई माह से यह खाते डेड पडे़ हुए थे।
500-1000 के नोट बंद होने के बाद इन खातों में अचानक से रुपये जमा होने लगे हैं। इसके साथ ही बैंक अधिकारी भी अब सतर्क हो गए हैं। निर्धारित डेट के बाद बैंक प्रबंधन और आयकर विभाग इन खातों की जांच करेंगे। केंद्र सरकार की जनधन योजना के तहत गाजियाबाद में भी करीब 3 लाख खाते खुलवाए गए थे।
इनमें से करीब 80 हजार खाते विगत कई माह से डेड पडे़ हुए थे। इन एकाउंट से न तो रुपये जमा हुए और न ही निकाले गए।इंडियन ओवरसीज बैंक के एजीएम अनिल कुमार दत्ता ने बताया कि 500 व 1000 के नोट के चलन से बाहर होने के बाद से जनधन एकाउंट में लोग धड़ल्ले से रुपये जमा करवा रहे हैं।
इन खातों की अधिकतम लिमिट 50 हजार रुपये तक है। मगर लोग ज्यादा से ज्यादा रकम इनमें जमा कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि काली कमाई को नंबर एक की कमाई बनाने का कोशिश की जा रही है। अभी फिलहाल जो भी आ रहा है, उसका रुपये खाते में जमा हो रहा है। बाद में खातों की स्क्रूटनी की जाएगी। आयकर विभाग भी इस मामले में नोटिस जारी कर सकता है।