इस साल 211 दिन दिल्ली की हवा साफ रही है। इसे पिछले कई वर्षों में साफ हवा का रिकॉर्ड माना जा रहा है। ये 17 अक्तूबर तक अच्छी, संतोषजनक और मध्यम श्रेणी में वायु गुणवत्ता दर्ज की हुई है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, कोविड प्रभावित साल 2020 को छोड़ दें तो 2016 के बाद यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
दिल्ली में अक्तूबर में ही 2025 में 200, 2024 के 209 और 2023 के 206 दिन साफ हवा रही है, इस साल अभी दो महीने से अधिक का समय बाकी है, लेकिन आकड़े बेहतर हैं। पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, प्रदूषण के खिलाफ लगातार प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। 2016 की समान अवधि में खराब, बहुत खराब और गंभीर श्रेणी की हवा वाले 168 दिन दर्ज हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या घटकर 79 रह गई। ये सरकारी एजेंसियों, संस्थानों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
धूल से लेकर वाहनों के प्रदूषण तक पर कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए मशीनीकृत सड़क सफाई, पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसे उपाय किए जा रहे हैं। एआई आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये प्रदूषण की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।
सर्दियों के लिए चिंता, जनभागीदारी की अपील
सिरसा ने आगाह किया कि हवा की कम गति और प्रतिकूल मौसम के कारण सर्दियों में प्रदूषण बढ़ सकता है। उन्होंने विंटर एक्शन प्लान को सख्ती से लागू करने और नागरिकों से मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों व अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील की। उन्होंने खुले में कचरा और जैविक अवशेष नहीं जलाने, वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखने तथा जहां संभव हो, कार पूलिंग और घर से काम करने जैसे विकल्प अपनाने का भी आग्रह किया।