प्राइवेट डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज रहे परेशान
गाजियाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हड़ताल की वजह से बुधवार को शहर के सभी प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक बंद रहे। जिसकी वजह से मरीजों को दर-दर भटकना पड़ा। शहर के 150 अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और लगभग 2000 क्लीनिक में हड़ताल की वजहर से 30 हजार के करीब मरीज प्रभावित हुए। लगभग 350 ऑपरेशन रद्द करने पड़े। आईएमए के जिला अध्यक्ष ने बताया कि अस्पताल बृहस्पतिवार को सुबह 6:00 बजे तक बंद रहेंगे। इस बीच अगर नेशनल बाडी से कोई निर्देश आते हैं तो उसका पालन किया जाएगा।
बुधवार को नेहरूनगर, पुराना बस अड्डा, शास्त्रीनगर, संजयनगर कविनगर स्थित शहर भर के सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम्स और क्लीनिक आदि बंद रहे। इसके अलावा कुछ पैथोलॉजी भी बंद रही। अस्पतालों में दूर-दराज से आए मरीजों को वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा छोटे नर्सिंग होम्स और क्लीनिक में आने वाले मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती हुए। निजी अस्पतालों की हड़ताल और कांवड़ मेले के बाद बुधवार को अस्पताल खुलने के कारण सरकारी अस्पतालों में काफी भीड़ रही।
सरकारी अस्पतालों पर पड़ा भार
सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई। एमएमजी की इमरजेंसी में भी जहां 15-20 मरीज भर्ती होते हैं, वहीं बुधवार को 50 मरीज भर्ती हुए। एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि ओपीडी में दो बजे के बाद भी मरीज देखे गए।
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350 से ज्यादा ऑपरेशन टाले गए
हड़ताल की वजह से प्राइवेट अस्पतालों के लगभग 350 से अधिक ऑपरेशन टाले गए। आईएमए जिला अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि हड़ताल का फैसला अचानक हुआ था, इसलिए सभी ऑपरेशन को टालना संभव नहीं था, लेकिन जिन ऑपरेशन की इमरजेंसी नहीं थी उनको टाल दिया गया था। इमरजेंसी वाले ऑपरेशन किए गए। जिले में 200 सर्जन हैं जो प्रतिदिन 2 से 5 ऑपरेशन करते हैं। ऐसे में लगभग 350 ऑपरेशन को टाला गया।
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बिल चिकित्सकों और मरीजों दोनों के लिए घातक
चिकित्सकों ने बुधवार को आईएमए भवन में बैठक की, जिसमें एनएमसी बिल को लेकर आगे की रणनीति तय की गई। बैठक में जिला आईएमए अध्यक्ष डॉ.डीपी सिंह ने कहा कि यह फैसला अलोकतांत्रिक है। बिल डॉक्टर और मरीज दोनों के लिए घातक है। सचिव डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि हम इस जनविरोधी बिल का बहिष्कार करते हैं। चिकित्सकों द्वारा एनएमसी बिल के खिलाफ युद्ध जारी रहेगा।
कोट्स
सिंहानी गांव से चेकअप कराने आया था। पैर में फ्रैक्चर के बाद ऑपरेशन हुआ था। सोमवार और मंगलवार को कांवड़ यात्रा की वजह से चेकअप नहीं हो सका था। आज आया हूं तो वापस लौटना पड़ रहा है।
अजय यादव , सिंहानी गांव
किडनी की समस्या थी, जिसके लिए आज चेकअप की डेट मिली थी। शहादरा से 800 रुपये किराया लगाकर टैक्सी से आए थे अब वापस 800 रुपये लगाकर जाना पड़ेगा।
सूबे सिंह, शहादरा