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कैश न मिलने पर बैंकों के बाहर हो रहा हंगामा

Wed, 30 Nov 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद से अब तक लोगों की दिक्कतें दूर नहीं हुईं हैं। बैंकों से पर्याप्त कैश नहीं मिलने पर लोग हंगामा कर रहे हैं। मंगलवार को भी कई बैंकों की शाखाओं से कैश नहीं मिलने पर लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं, बैंक कर्मचारियों ने हंगामे से बचने के लिए बैंक के शटर को ही बंद कर रखा था।
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नोटबंदी के 21वें दिन मंगलवार को भी बैंकों के बाहर हंगामे हुए। पुलिस ने जैसे-तैसे स्थिति को संभाला। नवयुग मार्केट स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बाहर न्यू आर्य नगर से आए लोगों ने अंतिम संस्कार के लिए कैश न मिलने पर हंगामा किया। लोगों ने आरोप लगाया कि जब लोगों के पास कैश ही नहीं होगा तो जरूरी कामकाज कैसे करेंगे। खाताधारक अकाउंट से 24 हजार तक कैश निकाल सकते हैं लेकिन जब बैंक जाते हैं तो जरूरी धनराशि भी नहीं मिलती।

वहीं, आरडीसी स्थित एसबीआई में लोगों ने कैश को लेकर हंगामा किया। सूत्रों के मुताबिक यहां एक बैंक कर्मचारी ने ग्राहक से बदतमीजी की और उसे चांटा मार दिया। यह देखकर अन्य लोग भड़क गए और हंगामा करने लगे। पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया।आरडीसी में ही बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को ग्राहकों ने शटर गिराकर ब्रांच को बंद कर दिया।
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वाणिज्य कर विभाग में व्यापारी पुराने नोट से जमा करें टैक्स
प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें वाणिज्य कर विभाग में व्यापारी 15 दिसंबर तक पुराने 500 व 1000 के नोट देकर अपना बकाया भुगतान और टैक्स जमा कर सकते हैं।

एडीशनल कमिश्नर एके गुप्ता ने बताया कि नए नोट की किल्लत को देखते हुए प्रदेश शासन ने यह निर्णय लिया है। व्यापारी अपना पूर्व का बकाया और वर्तमान टैक्स पुराने नोट से भी जमा कर सकते हैं। इससे विभाग का राजस्व लक्ष्य भी कम नहीं होगा।

एटीएम भी नहीं दे पा रहे ज्यादा राहत
मंगलवार को भी एटीएम ज्यादा राहत नहीं दे पाए। जिन एटीएम में कैश निकल रहा था, वहां लोगों की लंबी लाइन लगी थी। नवयुग मार्केट स्थित एसबीआई, पीएनबी, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक के बाहर लाइनें लगीं थीं।

मसूरी में लोगों ने हाईवे जाम किया
एनएच-24 स्थित सिंडिकेट बैंक में कैश खत्म होने से नाराज लोगों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम करीब आधे घंटे तक लगा रहा। इस वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने पहुंचकर जाम को खुलवाया।

मंगलवार को बैंक खुलने से पहले सुबह 8 बजे से ही लोगों की लाइनें लग गईं थीं। दस बजे बैंक खुला लेकिन एक बजे ही कैश खत्म हो गया। इस पर लोग भड़क उठे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बैंक प्रबंधन ने बचे हुए लोगों को टोकन बांटा।

टोकन के हिसाब से बुधवार को इन लोगों को कैश दिया जाएगा। बैंक मैनेजर पवन कुमार सिन्हा का कहना है कि हैड ऑफिस से केवल चार लाख रुपये मिले थे, जो जल्दी खत्म हो गए।

कैश खत्म होने से गुस्साई महिलाओं ने किया हाईवे जाम
 नोटबंदी से परेशान लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा है। मंगलवार को घंटों लाइन में लगने के बाद कैश खत्म होने की सूचना पर गुस्साई महिलाओं ने तेल मिल कालोनी के सामने एनएच-58 पर जाम लगा दिया।

हालांकि सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। करीब 15 मिनट तक हाईवे जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तेल मिल कालोनी के सामने इलाहाबाद बैंक की शाखा है।

मंगलवार सुबह बैंक निर्धारित समय पर खुला। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया बैंक अधिकारियों ने दो-चार लोगों को रुपये दिए और बाद में कैश खत्म होने की घोषणा कर दी। इस पर घंटों लाइन में लगी महिलाएं भड़क गईं और करीब 11 बजे हाईवे पर जाम लगा दिया।

जाम लगने से गाजियाबाद और मेरठ दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि सूचना पर 15 मिनट में ही महिलाओं को सड़क से हटा दिया गया था। वहीं जाम के चलते करीब 12 बजे यातायात सुचारु हो सका। 
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