पिता ने स्कूल में फीस वृद्धि का विरोध किया तो दोनों बेटियों का नाम काट दिया। स्पीड पोस्ट से बच्चों की टीसी घर पहुंची तो पैरेंट्स के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत सांसद वीके सिंह और डीएम से की। साथ ही उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक को भी ज्ञापन भेजा है। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि पिता ने स्कूल में दुर्व्यवहार किया था, इसलिए ऐसा करना पड़ा।
इंदिरापुरम सेंट टेरेसा स्कूल में रविंद्र की दोे बेटियां पढ़ती हैं। बड़ी बेटी कक्षा आठ और छोटी बेटी कक्षा पांच की छात्रा है। रविंद्र खुद भी ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं। रविंद्र ने बताया कि उनकी एसोसिएशन लगातार स्कूलों की मनमानी और अनावश्यक फीस वसूली का विरोध कर रही है।
इसकी वजह से सेंट टेरेसा स्कूल प्रबंधन ने उनकी दोनों बेटियों की टीसी उन्हें स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दी है। स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि उन्होंने (रविंद्र) स्कूल के स्टाफ से बदतमीजी की थी। इस वजह से उनकी बेटियों का नाम काट दिया गया है।
इसके जवाब में रविंद्र का कहना है कि यदि उन्होंने स्कूल में कोई भी बदतमीजी की है तो स्कूल प्रबंधन सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से इसको साबित करे। मैंने किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं की है। बल्कि एसोसिएशन के माध्यम से सभी स्कूलों के खिलाफ फीस वृद्धि के विरोध में मुहिम चला रखी है।
एसोसिएशन के सचिव सचिन सोनी ने बताया कि पैरेंट्स एसोसिएशन की शिकायत पर सांसद वीके सिंह की पुत्री मृणालिनी सिंह ने डीएम और डीआईओएस दोनों को कॉल कर बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई करने को कहा है।
सचिव सचिन सोनी ने कहा कि इस तरह यदि स्कूल मनमानी करते रहे तो अभिभावक कभी विरोध भी नहीं कर सकेंगे और इनकी मनमानी चलती रहेगी। यह पैरेंट्स की आवाज को दबाने का प्रयास है। प्रशासन स्तर पर जल्द ही यदि कोई कार्यवाही नहीं हुई तो पैरेंट्स एसोसिएशन इस मामले को शिक्षा निदेशक के साथ ही शिक्षा मंत्री तक ले जाएगी।
डीएम ने स्कूल को भेजा नोटिस
डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि मामले की शिकायत के बाद स्कूल को नोटिस भेज दिया गया है। तीन दिन में यदि स्कूल प्रबंधन जवाब नहीं देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से बच्चों का नाम काट देना किसी भी लिहाज से सही नहीं ठहराया जा सकता।