फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी में तलब हुए साहब तो बाबू को कर दिया सस्पेंड

Sun, 16 Oct 2016 11:09 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गाजियाबाद। एनजीटी में नगर आयुक्त तलब हुए तो इसकी गाज निगम के एक बाबू पर गिरी। नगर आयुक्त ने एनजीटी में लगे केस को हैंडल करने वाले लिपिक महेंद्र प्रताप ‘मोंटी’ को निलंबित कर दिया है। बीओटी फर्मों को रिकवरी के रिमाइंडर जारी न किए जाने पर नगर आयुक्त ने विभाग के बाबू हिमांशु शर्मा को भी सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन


एनजीटी ने शहर में जहां-तहां कूड़ा फेंके जाने को लेकर नगर आयुक्त, जीडीए वीसी और डीएम को तलब किया था। पांच अक्तूबर को तीनों एनजीटी में पेश हुए। निगम सूत्रों की मानें तो नगर आयुक्त इससे काफी नाराज थे।

उन्होंने एनजीटी मामलों के लिए जिम्मेदारी संभाल रहे महेंद्र प्रताप ‘मोंटी’ को निलंबित कर दिया है। महेंद्र प्रताप पर एनजीटी के मामलों में लापरवाही और बिना बताए अनुपस्थित रहने का भी आरोप है।
विज्ञापन


वहीं बीओटी विभाग में तैनात मुख्य लिपिक हिमांशु शर्मा को भी नगर आयुक्त ने निलंबित कर दिया है। उन पर बीओटी फर्मों को आरसी नोटिस का रिमाइंडर न भेजने आदि के आरोप है। हिमांशु शर्मा की जांच नगर आयुक्त ने जीएम जलकल संजय सिन्हा को और महेंद्र प्रताप की जांच उन्हीं के विभाग के अधिशासी अभियंता संजय चौहान को दी है।

कोर्ट केस में पेशी होने पर कई बाबू झेल चुके निलंबन
हाईकोर्ट और एनजीटी में नगर आयुक्त की जब-जब पेशी हुई तब-तब बाबुओं और अधिकारियों पर वेतन रोके जाने या निलंबन की गाज गिरी है। नगर आयुक्त विधि विभाग के लिपिक देवेंद्र कुमार, फारूख अली, विधि अधीक्षक विशाल गौरव को पूर्व में निलंबित कर चुके हैं। इसके अलावा निवर्तमान तहसीलदार सुरेश चंद शर्मा का वेतन और फंड आदि रोके जा चुके हैं। इसके अलावा एक अन्य बाबू मोहन कुमार को भी नगर आयुक्त निलंबित कर चुके हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें