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Ghaziabad News: पॉलिटेक्निक के तीन वर्षीय कोर्सों में आईडीडी बना छात्रों की पहली पसंद

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गाजियाबाद। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन (आईडीडी) ट्रेड तेजी से छात्रों की पसंद बनकर उभरा है। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में संचालित तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र सबसे अधिक रुचि आईडीडी ट्रेड में दिखा रहे हैं। जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज में आईटी से जुड़े तीन कोर्सों में इन्फॉरमेशन व तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग एंड सिविल इंजीनियरिंग और आईडीडी शामिल हैं। सभी में 75-75 सीटें हैं। इनमें आईडीडी छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है।
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इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में बढ़ते अवसर और स्वरोजगार स्टार्टअप की संभावनाओं ने इस ट्रेड को युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (जेईईसीयूपी) की काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान भी आईडीडी ट्रेड को लेकर छात्रों का उत्साह देखने को मिल रहा है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहा है जो पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि अपना स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू करने की योजना रखते हैं।
आईडीडी ट्रेड में छात्रों को इंटीरियर डिजाइनिंग, डेकोरेशन, स्पेस प्लानिंग, फर्नीचर डिजाइन, लाइटिंग, कलर कॉम्बिनेशन और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाता है। पाठ्यक्रम में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है, जिससे छात्र उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित कर सकें।
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शिक्षकों के अनुसार वर्तमान समय में घरों, कार्यालयों, शोरूम, होटल, अस्पताल और व्यावसायिक भवनों में पेशेवर इंटीरियर डिजाइनिंग की मांग लगातार बढ़ रही है। रियल एस्टेट सेक्टर के विस्तार और आधुनिक जीवनशैली के चलते प्रशिक्षित डिजाइनरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
आईडीडी के छात्र रविंद्र ने बताया कि आईडीडी ट्रेड से डिप्लोमा करने से निजी कंपनियों में नौकरी के साथ-साथ स्वतंत्र रूप से काम करने के भी विकल्प उपलब्ध हैं। छात्रा शिवानी ने बताया कि इस डिप्लोमा को करने के बाद कम पूंजी के साथ भी काम शुरू करके अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है और अपनी दुकान भी खोली जा सकती है। उधर, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर जानबेग लोनी ने बताया कि तीन वर्षीय ट्रेड में आईडीडी की मांग पहले के मुकाबले बढ़ी है, जिसमें युवाओं को रोजगार के अवसर दिख रहे हैं।
प्राइवेट कॉलेज में तेजी से बढ़ रही मांग
जिले के निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में भी आईडीडी ट्रेड की सीटों को लेकर छात्रों में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। शिक्षाविदों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इंटीरियर डिजाइनिंग उद्योग के विस्तार के साथ इस ट्रेड की मांग और बढ़ेगी तथा इससे जुड़े युवा रोजगार सृजक की भूमिका में भी सामने आ सकते हैं।
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