‘यूपी में हर क्राइम का रेट फिक्स है। जैसा क्राइम होता है, उसका वैसा ही मूल्यांकन कर दिया जाता है। हालात बिलकुल जमींदारी प्रथा जैसे हैं। किसी का भी रेप करो और फिर उसे उचित मुआवजा दे दो। यही हाल अब प्रदेश सरकार का है।’ यह कहना है यूपी के सीनियर आईएएस सूर्य प्रताप सिंह का।
सूर्य प्रताप सिंह शुक्रवार को गाजियाबाद में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार के 43 प्रतिशत मंत्री और 42 प्रतिशत विधायक आपराधिक मामलों में लिप्त हैं। बुलंदशहर हाईवे पर हुए मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि पुलिस इस संगीन अपराध में भी ‘खेल’ कर रही है।
इस वारदात में पुलिस कभी बावरिया गैंग तो कभी रईस गैंग का हाथ बता रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 11 रेप और 16 हत्याएं होती हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार साल में ही प्रदेश में साढ़े 15 हजार से अधिक रेप हुए हैं।
यह केवल 15 प्रतिशत वह मामले हैं, जिनकी रिपोर्ट लिखी गई है। 85 प्रतिशत मामलों में पुलिस और परिजन रिपोर्ट ही नहीं लिखवाते। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जाति के नाम पर पुलिस और प्रशासन में भर्तियां और ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल होता है।
‘यूपी में जुगाड़ तंत्र की सरकार’
उन्होंने अपने बारे में बताते हुए कहा कि उनके एक साल में छह बार ट्रांसफर हुए थे। प्रदेश में एक आईएएस को न्याय पाने के लिए व्यवस्था के आगे झुकना पड़ रहा है। इसके बाद उन्होंने डेढ़ साल पहले सरकार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, मगर सरकार ने अब तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। बता दें कि सूर्य प्रताप सिंह मुजफ्फरनगर, बरेली, बदायूं, फैजाबाद और नैनीताल के डीएम भी रह चुके हैं।