फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: काली नदी में छोड़े गए पानी से सैकड़ो बीघा फसल जलमग्न

विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। काली नदी में शनिवार को अचानक पानी बढ़ गया। जो खेतों में पहुंच गया और इससे सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों के अनुसार लखावठी नहर से छोड़ा गया पानी आफत बन गया है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने जिला प्रशासन से शिकायत कर फसल नुकसान का किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन

काली नदी के आसपास के इलाके में बारिश के दौरान जलभराव से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। बारिश के सीजन में काली नदी के ओवरफ्लो होने के कारण गुलावठी, अगौता क्षेत्र के गांव के साथ रमपुरा, नीमखेड़ा, अच्छेजा घाटन किरयावली, भटवारा, कुराला, फतेहगढ़ी, बाढ़े, करैना, बनवारीपुर, घुंघरावली, बैलोट, हुर्थला, पुठरी, बादशाहपुर पंचगाई समेत खुर्जा व पहासू के 60 गांवों के किसान परेशान होते हैं।
इस बार बारिश के दिनों में भी कई बार काली नदी का पानी बढ़ने से फसलों को काफी नुकसान हुआ। वहीं, अब एक बार फिर से काली नदी में पानी छोड़े जाने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हाे गई। खेतों पानी भरा देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। साथ ही चारे का संकट भी गहराने लगा है।
विज्ञापन

गांव ऐमनपुर निवासी किसान राहुल, हात्माबाद निवासी किसान महबूब, अच्छेजा घाट निवासी किसान उमेश व शमीम खा का कहना है कि बारिश होने पर क्षेत्र के किसानों को बड़ा नुकसान होता है। अब काली नदी में पानी छोड़े जाने से वह फसल भी खराब हो जाएगी, जिनकी हाल ही में बिजाई की गई है। किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए काली नदी की सफाई के साथ अन्य कदम उठाने चाहिए। साथ ही बर्बाद होने वाली फसल का किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि काली नदी में छोड़े गए पानी को रोकने के लिए एडीएम वित्त व राजस्व, एसडीएम सदर और सिंचाई विभाग के जेई शिकायत की गई है।
साथ ही किसानों की खराब हो रही फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई गई है। इसके विरोध में और किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर संगठन की ओर से सोमवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें